महाकुंभ में ‘सनातन बोर्ड’ को शीर्ष संतों ने दी मंजूरी, केंद्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव: अखाड़ा परिषद

प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने रविवार को कहा कि यहां महाकुंभ में धर्म संसद के दौरान सनातन बोर्ड के गठन का प्रस्ताव तैयार होगा, जिसे केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि महाकुंभ में होने वाली धर्म संसद में देश भर के प्रमुख साधु संत हिस्सा लेंगे. महाकुंभ 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा.

एक आधिकारिक बयान में पुरी ने कहा, “हम चाहते हैं कि जो भी बोर्ड बने वह केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त हो. साथ ही हमारी कोशिश है कि इस बोर्ड में कोई भी त्रुटि नहीं होनी चाहिए.” धर्म संसद में चारों पीठ के शंकराचार्य, 13 अखाड़ों के प्रमुख संत और अन्य धर्माचार्यों को आमंत्रित किया जाएगा.

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य एक सुव्यवस्थित, सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड की स्थापना करना है, जो बिना किसी कमी के सनातन धर्म के सिद्धांतों को कायम रखे.” अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने ‘हिंदुत्व के कद को बढ़ाने’ के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि 2019 का कुंभ भव्य था लेकिन आदित्यनाथ के नेतृत्व में आगामी 2025 का महाकुंभ सबसे अलौकिक होने जा रहा है, जिसमें पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त होने जा रहे हैं.

अखाड़ा परिषद कई वर्ष पहले से ही महाकुंभ की तैयारी शुरू कर देती है. इस वर्ष महाकुंभ के लिए, तीन वर्ष पहले से ही योजना शुरू हो गई थी, जिसमें भारत और विदेश से आने वाले भक्तों के लिए प्रसाद उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाना भी शामिल था.
उन्होंने कहा कि एक बार में 5,000 भक्तों को प्रसाद परोसने की व्यवस्था की गई है. भाषा आनन्द जितेंद्र

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