
मुंबई. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के बर्खास्त कांस्टेबल चेतन सिंह चौधरी ने सोमवार को यह दावा करते हुए जमानत मांगी कि वह “व्हाइट मैटर डिज़ीज़” और “भ्रम संबंधी विकार” से पीड़ित है. चलती ट्रेन में अपने वरिष्ठ सहकर्मी और तीन यात्रियों की जुलाई 2023 में गोली मारकर हत्या करने का आरोपी चौधरी फिलहाल ठाणे जेल में बंद है और उसने अपने वकील अमित मिश्रा और पंकज घिल्डियाल के माध्यम से सत्र अदालत में जमानत याचिका दायर की.
याचिका में दावा किया गया कि आरोपी “व्हाइट मैटर डिज़ीज़” से पीड़ित है और उसे अपराध के बारे में कुछ भी याद नहीं है. “व्हाइट मैटर डिज़ीज़” का मतलब दिमाग. के सफ.ेद ऊतक को नुकसान पहुंचना या उसके धीरे-धीरे खराब होने से है. उसकी याचिका में कहा गया है, “आरोपी गंभीर मानसिक समस्याओं से पीड़ित है और वह आंशिक रूप से मानसिक रोगी है, जो कभी-कभी सनकी हो जाता है और आरोपी भ्रम संबंधी विकार से पीड़ित है.” इसमें कहा गया है, “जो भी अपराध हुआ, आरोपी को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है.” चौधरी ने अपनी जमानत याचिका पर विचार करने के लिए अन्य आधार भी बताए और कहा कि चूंकि मामले में आरोप पत्र पहले ही दाखिल किया जा चुका है, इसलिए उससे हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है.
दिसंबर 2023 में, अदालत ने इसी आधार पर दायर चौधरी की याचिका को खारिज कर दिया था. यह नवीनतम आवेदन ऐसे समय में आया है जब अदालत गवाहों के बयान दर्ज कर रही है. चौधरी ने 31 जुलाई, 2023 को महाराष्ट्र के पालघर रेलवे स्टेशन के पास जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में कथित तौर पर गोलीबारी की थी. उसने अपने वरिष्ठ सहयोगी, सहायक उप-निरीक्षक टीका राम मीणा और तीन यात्रियों की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी. बाद में उसे हथियार के साथ पकड़ लिया गया था.



