जनजातीय घरेलू सहायिका के शरीर पर निशान, दांत गायब, प्रताड़ना की आरोपी भाजपा नेता गिरफ्तार

रांची. जनजातीय घरेलू सहायिका सुनीता (29) को पुलिस द्वारा बचाये जाने के बाद अमानवीय यातना की एक कहानी सामने आई है. एक अधिकारी ने बुधवार को यहां बताया कि सुनीता को रांची में अब निलंबित भाजपा नेता सीमा पात्रा के आवास पर कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था. एक सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी की पत्नी पात्रा को गिरफ्तार कर लिया गया.

अरगोड़ा थाना प्रभारी विनोद कुमार ने कहा कि सुनीता 22 अगस्त की रात को ऐसी स्थिति में मिली थी जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता. कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उसके पूरे शरीर पर गंभीर घाव और जलने के निशान थे, जैसा कि एक महिला अधिकारी ने जांच की. वह अत्यधिक कुपोषित लग रही थी. वह सदमे में है. सुनीता ने दावा किया कि उसे अपना पेशाब चाटने के लिए मजबूर किया गया था…उसके कई दांत गायब हैं. उसे कथित तौर पर लोहे की रॉड से मारा गया था.’’

सुनीता ने दावा किया कि उसे आठ साल तक बंधक बनाकर रखा गया था. उसका इलाज यहां राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में चल रहा है. पीड़िता का बयान मंगलवार को एक मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किया गया. भाजपा नेता के बेटे के दोस्त विवेक बास्की ने सुनीता के बारे में सूचित करने के लिए पुलिस से संपर्क किया था, जिसके बाद अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसके बाद पुलिस ने पात्रा के अशोक नगर स्थित आवास पर छापा मारा.

सुनीता द्वारा आपबीती सुनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया था, जिसके बाद पात्रा की गिरफ्तारी के लिए पूरे राज्य और अन्य जगहों पर जोर-शोर से आवाज उठाई गई. इसके बाद उन्हें पार्टी ने निलंबित कर दिया गया था. दिन में अपनी गिरफ्तारी के बाद पात्रा ने दावा किया कि वह निर्दोष हैं और इस मामले में उन्हें फंसाया जा रहा है. पात्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. राष्ट्रीय महिला आयोग की एक टीम ने सुनीता की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए रिम्स में उससे मुलाकात की.

विभिन्न जनजातीय संगठनों के सदस्य भी मंगलवार से सुनीता के बारे में जानने के लिए अस्पताल आ रहे हैं. वे अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण)अधिनियम के तहत पात्रा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इस बीच कांग्रेस ने महिला को कथित रूप से प्रताड़ित करने को लेकर भाजपा पर हमला किया और दावा किया कि आदिवासियों को अपमानित करना भाजपा के ‘डीएनए में’ है.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा, ‘‘पात्रा ने जनजातीय बेटी सुनीता को बंधक बनाया, जीभ से घर का फर्श साफ कराया, गर्म तवे से शरीर को दागा और पेशाब पीने पर मजबूर किया. इस तरह के जघन्य अपराध को अंजाम देने वाली भाजपा नेता को पार्टी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का प्रदेश संयोजक बनाया था.’’

वल्लभ ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुनीता की दुर्दशा पर चुप हैं, लेकिन जनजातीय समाज 2024 के लोकसभा चुनाव में अपमान का बदला लेगा. झारखंड मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता सुप्रिय भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल उन घटनाओं को उठाकर देश के सामाजिक ताने-बाने को खराब करने के लिए तैयार है जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शामिल हैं, लेकिन अपने नेताओं से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है.

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने कहा कि सुनीता को शिक्षा प्रदान करने में अपनी व्यक्तिगत क्षमता के हिसाब से योगदान करने में उन्हें खुशी होगी, क्योंकि वह पढ़ना चाहती हैं. भाजपा नेताओं ने कहा कि भगवा पार्टी ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करती और पात्रा को तत्काल निलंबित कर दिया गया. झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा से पूछा था कि आरोप सामने आने के बाद पात्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई थी.

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