
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता अरूप विश्वास फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी से जुड़े एक कार्यक्रम में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में सोमवार को दूसरी बार बिधाननगर पुलिस के समक्ष पेश हुए। विश्वास इससे पहले तीन समन की अनदेखी कर चुके हैं और पहली बार बृहस्पतिवार को पुलिस के सामने पेश हुए थे।
यह मामला कार्यक्रम आयोजक शताद्रु दत्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। दत्ता ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष 13 दिसंबर को सॉल्ट लेक स्टेडियम में फुटबॉल कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें अरूप विश्वास टिकटों की कालाबाज़ारी, जबरन वसूली, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने में शामिल थे।
इस शिकायत के आधार पर 17 मई को धोखाधड़ी, जबरन वसूली और आपराधिक धमकी सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दत्ता ने आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम के लगभग 22,000 टिकटों की कालाबाज़ारी की गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अरूप विश्वास ने खेल मंत्री के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आयोजन पर अनुचित प्रभाव डाला।
खेल के समापन के बाद दर्शकों के एक वर्ग ने कथित तौर पर स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की थी। उनका आरोप था कि टिकट के लिए हजारों रुपये खर्च करने के बावजूद वे लियोनेल मेस्सी की एक झलक तक नहीं देख सके, क्योंकि मैदान पर प्रभावशाली लोगों ने उन्हें चारों ओर से घेर रखा था।
दत्ता को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और जमानत मिलने से पहले उन्हें 37 दिन हिरासत में बिताने पड़े थे। रिहा होने के बाद उन्होंने कई बार अरूप विश्वास पर कार्यक्रम की विफलता और आयोजकों को हुए वित्तीय नुकसान के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। वहीं, हाल ही में नियुक्त खेल मंत्री इंद्रनील खान ने भी मेस्सी के कार्यक्रम में गंभीर कुप्रबंधन के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण ने पश्चिम बंगाल के फुटबॉल प्रेमियों को र्शिमंदा किया और राज्य की छवि को भी नुकसान पहुंचाया।



