
नयी दिल्ली. दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के एक वार्ड में मरीज की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुलिस ने फैज (20) को उत्तर प्रदेश के लोनी से और फरहान को दिल्ली के चौहान बांगर इलाके से पकड़ा. हालांकि, पुलिस कहा कि हो सकता है कि ये दोनों रविवार शाम को हुई गोलीबारी की घटना में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे.
पुलिस ने बताया कि ये घटना गलत पहचान का मामला हो सकती है, क्योंकि वारदात से एक दिन पहले उसी वार्ड से एक अपराधी को स्थानांतरित किया गया था. मृतक के परिवार ने भी दावा किया कि हत्यारा संभवत: किसी अपराधी को निशाना बनाना चाहता होगा. अधिकारियों ने बताया कि जीटीबी अस्पताल के वार्ड नंबर 24 के भीतर रविवार को एक किशोर ने रियाजुद्दीन (32) की गोली मारकर हत्या कर दी. इस हत्या की जांच के लिए कई दल गठित किए गए हैं.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फैज और फरहान कथित तौर पर चार आरोपियों को मोटरसाइकिल मुहैया कराने में शामिल थे.
पुलिस ने बताया कि चारों आरोपी उस मोटरसाइकिल पर सवार होकर जीटीबी अस्पताल पहुंचे थे, जिनमें से एक ने वार्ड नंबर-24 में घुसकर मरीज पर गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौत हो गई.
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी ने कहा, ”हम उनसे (फैज और फरहान) पूछताछ कर रहे हैं और मरीज पर गोली चलाने वाले के बारे में पता लगाने के लिए दोनों का पुलिस रिमांड मांगेंगे. हमारी टीमें बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं. उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा.” हमलावर एक गैंगस्टर को मारने के लिए अस्पताल गया था, जो हासिम बाबा गिरोह का प्रतिद्वंद्वी था. इस गैंगस्टर को 12 जून को कुछ लोगों ने गोली मार दी थी और कुछ समय के लिए उसी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां हमलावर ने रियाजुद्दीन को गोली मार दी.
पुलिस ने यह भी कहा कि हमलावरों को इस बारे में उचित निर्देश दिए गए थे कि अपराध करने के बाद वे अस्पताल से कैसे भाग सकते हैं. पुलिस उपायुक्त ने बताया कि अस्पताल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है, जिसमें चार लोग अस्पताल के आपातकालीन द्वार से प्रवेश करते दिखाई दे रहे हैं.
उन्होंने कहा, ”मामले की जांच और आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीम बनाई गईं. टीम ने इनपुट के आधार पर फुटेज में लोगों की पहचान की. उनके सोशल मीडिया हैंडल ढूंढे और उनके मोबाइल नंबरों की जांच की गई. हमने कॉल डिटेल की जांच की और कुछ और संदिग्धों की पहचान की गई.” उन्होंने बताया कि कॉल डिटेल की जांच के बाद फैज को उत्तर प्रदेश के लोनी के लक्ष्मी गार्डन इलाके से गिरफ्तार किया गया.
डीसीपी ने कहा, ”पूछताछ के दौरान फैज ने खुलासा किया कि फहीम उर्फ ??बादशाह खान घटना का मुख्य साजिशकर्ता है. फैज और उसके दो भाई – फौजान और मोइन खान – अक्सर फहीम से मिलते हैं जो हासिम बाबा गिरोह का सहयोगी है और गिरोह के लिए काम करता है.” उन्होंने कहा कि एक और संदिग्ध फरहान को भी चौहान बांगर इलाके से पकड़ा गया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि फहीम उन सभी को बाबरपुर स्थित अपने फ्लैट पर बुलाता था.
चौधरी ने बताया, ”घटना वाले दिन वे बाबरपुर स्थित फहीम के फ्लैट पर थे. फहीम ने उन्हें उसी वार्ड में भर्ती एक व्यक्ति (मृतक के अलावा) की हत्या करने का निर्देश दिया था. फैज और फरहान ने यह भी खुलासा किया कि फहीम ने उन्हें गोलीबारी करने के बाद जीटीबी अस्पताल से भागने का तरीका भी बताया था.” इस घटना के बाद अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों ने सोमवार को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी.
रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष नितेश कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आरडीए के सदस्यों ने सोमवार को सुबह नौ बजे हड़ताल शुरू की लेकिन आपात सेवाएं जारी हैं. दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, जब हमलावर ने एक डॉक्टर को धक्का दिया और रियाजुद्दीन को गोली मार दी, तब वार्ड में तीन डॉक्टर मौजूद थे. आरडीए के एक सदस्य ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सक केवल आपातकालीन रोगियों का ही इलाज कर रहे हैं, जबकि बा’ रोगी विभाग, प्रयोगशालाएं और अन्य विभागों में काम बंद है.
आरडीए के एक प्रवक्ता ने पहले कहा था, ”हमारी सुरक्षा बढ.ाए जाने की बार-बार की अपील को नजरअंदाज किया गया है जिसकी परिणति इस दुखद घटना (मरीज की हत्या) के साथ हुई. जब तक दिल्ली सरकार अस्पताल के भीतर सभी के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित नहीं करती, तब तक हम ड्यूटी नहीं कर सकते.” दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि सभी अस्पतालों की सुरक्षा समीक्षा की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अपराध शाखा के कई दल, जीटीबी एन्क्लेव पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी की अगुवाई में एक दल और आसपास के पुलिस थाने के र्किमयों का एक दल इस मामले की जांच कर रहा है. पुलिस के अनुसार, मृतक एक दंत चिकित्सक बताया जा रहा है. उसे 23 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था तथा उसका पेट में संक्रमण का इलाज हो रहा था.
पुलिस ने कहा कि हत्या की यह घटना गलत पहचान का मामला हो सकती है, क्योंकि शहर के वेलकम इलाके के एक अपराधी का भी वार्ड नंबर 24 में ही उपचार किया जा रहा था लेकिन उसे घटना से एक दिन पहले ही दूसरे वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था.
पुलिस ने बताया कि उन्होंने खजूरी खास इलाके के निवासी रियाजुद्दीन का रिकॉर्ड खंगाला है और उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है.



