नयी दिल्ली/मुंबई. निर्वाचन आयोग ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है. आयोग ने धार्मिक अर्थों का हवाला देते हुए चुनाव चिन्ह के रूप में ‘त्रिशूल’ की मांग करने के उद्धव गुट के दावे को खारिज कर दिया है. शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच विवाद को लेकर निर्वाचन आयोग ने सोमवार को एक आदेश जारी कर उद्धव ठाकरे गुट के लिए पार्टी के नाम के रूप में ‘शिवसेना – उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ नाम आवंटित किया. जबकि एकनाथ शिंदे के गुट को ‘बालासाहेबंची शिवसेना’ नाम आवंटित किया है.
आयोग ने धार्मिक अर्थों का हवाला देते हुए शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी गुटों द्वारा ‘त्रिशूल’ और ‘गदा’ को चुनाव चिन्ह के रूप में आवंटित किए जाने के दावे को भी खारिज कर दिया. निर्वाचन आयोग ने यह भी बताया कि दोनों धड़ों द्वारा मांगा गया ‘उगता सूरज’ चुनाव चिन्ह तमिलनाडु और पुडुचेरी में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के लिए आरक्षित था. आयोग ने शिंदे गुट से मंगलवार सुबह दस बजे तीन चुनाव चिन्हों की सूची दाखिल करने को कहा है. समझा जाता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने राजनीतिक दलों को धार्मिक अर्थ रखने वाले चुनाव चिन्ह आवंटित करने के मामले में कड़ा रुख अपना रखा है.
शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी गुटों में से दोनों ने त्रिशूल और उगता हुए सूर्य को चुनाव चिन्ह के रूप में आवंटित करने की मांग की थी.
शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत करते हुए दावा किया था कि उनके पास शिवसेना के 55 में 40 विधायकों और 18 लोकसभा सदस्यों में से 12 का समर्थन प्राप्त है. उद्धव के इस्तीफे के बाद शिंदे ने भाजपा की मदद से सरकार बनाने हुए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.
निर्वाचन आयोग के फैसले पर उद्धव ठाकरे गुट के नेता ने खुशी जताई, कहा : बड़ी जीत
निर्वाचन आयोग (ईसी) द्वारा ‘शिवसेना – उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ नाम आवंटित किए जाने के बाद उद्धव ठाकरे धडे ने सोमवार को संतोष जताया. आयोग ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है. ठाकरे के करीबी और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री भास्कर जाधव ने कहा, “हमें खुशी है कि तीन नाम जो हमारे लिए सर्वाधिक मायने रखते हैं- उद्धव जी, बालासाहेब और ठाकरे – उन्हें नए नाम में रखा गया है.” आयोग ने धार्मिक अर्थों का हवाला देते हुए शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी गुटों को त्रिशूल और गदा को चुनाव चिन्ह के रूप में आवंटित करने के सुझाव को खारिज कर दिया.
चुनाव निकाय ने एकनाथ शिंदे गुट को ‘बालासाहेबंची शिवसेना’ नाम आवंटित किया. आयोग ने गुट को नये चुनाव चिन्ह का चयन करने के लिए कहा. निर्वाचन आयोग ने शनिवार को शिवसेना के दोनों खेमों को तीन नवंबर को अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से प्रतिबंधित कर दिया. आयोग ने उनसे सोमवार दोपहर तक तीन अलग-अलग नाम और इतनी ही संख्या में चिह्न बताने को कहा था.