यूजीसी ने छात्रों को आगाह किया : एमफिल मान्यताप्राप्त डिग्री नहीं

नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने बुधवार को यह कहते हुए विश्वविद्यालयों को एमफिल पाठ्यक्रम की पेशकश को लेकर आगाह किया कि यह मान्यताप्राप्त डिग्री नहीं है. उसने विद्यार्थियों को भी ऐसे पाठ्यक्रमों में दाखिले को लेकर आगाह किया.

आयोग के सचिव मनीष जोशी ने कहा, ”यूजीसी के संज्ञान में आया है कि कुछ विश्वविद्यालय एमफिल (मास्टर ऑफ फिलॉस्फ.ी) कार्यक्रम के लिए नये आवेदन आमंत्रित कर रहे हैं. इस संबंध में सभी के ध्यान में लाया जा रहा है कि एमफिल डिग्री मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है.” उन्होंने कहा, ”यूजीसी (पीएचडी डिग्री के लिए न्यूनतम अर्हता एवं प्रक्रिया) नियमावली, 2022 का नियम 14 स्पष्ट रूप से कहता है कि उच्च शिक्षण संस्थान एमफिल कार्यक्रम में प्रवेश की कोई पेशकश नहीं करेंगे.” आयोग ने विश्वविद्यालयों को अकादमिक वर्ष 2023-24 के लिए किसी भी एमफिल कार्यक्रम में प्रवेश तत्काल रोक देने को कहा है.

जोशी ने कहा, ”विद्यार्थियों को किसी एमफिल कार्यक्रम में प्रवेश नहीं लेने की सलाह दी जाती है.” यूजीसी ने नवंबर 2022 में एमफिल कार्यक्रम को रोक दिया था. जोशी ने कहा, ”पीएचडी के नियमों की अधिसूचना से पहले शुरू हुए एमफिल पाठ्यक्रम प्रभावित नहीं होंगे. वर्तमान छात्रों को एमफिल की डिग्री प्राप्त करने के लिए पाठ्यक्रम पूरा करने दिया जाएगा.”

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