
ब्रसेल्स. यूक्रेन यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ समूह की सदस्यता के लिए आधिकारिक तौर पर वार्ता शुरू करने जा रहा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे अपने देश के नागरिकों के लिए सपना सच होने जैसा बताया है. रूस के साथ यूक्रेन के युद्ध के दो साल से अधिक समय बाद यह वार्ता शुरू होने जा रही है. यूक्रेन की यूरोपीय मामलों की उप प्रधानमंत्री ओल्गा स्टेफनिशिना लक्जमबर्ग में एक अंतर-सरकारी सम्मेलन में अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी. इसके साथ यूक्रेन के कानूनों और मानकों को 27 देशों के समूह के अनुरूप बनाने के लिए वार्ता की आधिकारिक शुरुआत होगी.
मोल्दोवा भी ईयू में आधिकारिक तौर पर शामिल होने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए एक अलग अंतर-सरकारी सम्मेलन में भाग लेगा. मोल्दोवा ने फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद ईयू में शामिल होने के लिए आवेदन किया था और चार महीने बाद उसके आवेदन को विचार के लिए स्वीकार लिया गया था.
यूक्रेन ने भी रूस के आक्रमण के बाद ईयू में शामिल किए जाने का अनुरोध किया था. हालांकि, इसमें अब तक प्रगति धीमी रही है.
तुर्किये को भी समूह में शामिल किए जाने पर करीब दो दशक तक बातचीत चली, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला.
यूरोपीय संघ के सदस्य देशों द्वारा शुक्रवार को वार्ता शुरू करने पर सहमति जताए जाने के बाद जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ”हमारे लोगों की कई पीढि.यां अपने यूरोपीय सपने को साकार कर रही हैं. यूक्रेन यूरोप में वापस लौट रहा है.”
ईयू में शामिल होने के लिए आवेदन देने वाले देशों को 35 नीतिगत क्षेत्रों में अपने कानूनों और मानकों को यूरोपीय संघ के अनुरूप बनाना होगा. इनमें मत्स्य पालन, कराधान, ऊर्जा और पर्यावरण के माध्यम से सामान की मुक्त आवाजाही से लेकर न्यायिक अधिकार और सुरक्षा तक शामिल हैं. समूह में किसी भी देश को शामिल करने पर सभी 27 देशों की सहमति होनी चाहिए. हंगरी जुलाई में बेल्जियम से यूरोपीय संघ की अध्यक्षता ग्रहण करेगा. हंगरी ने यूक्रेन के लिए यूरोपीय संघ और नाटो के समर्थन पर रोक लगा रखा है.
हंगरी के यूरोपीय मामलों के मंत्री जानोस बोका ने कहा, ”हम अभी भी स्क्रीनिंग प्रक्रिया की शुरुआत में हैं. यह कहना बहुत मुश्किल है कि यूक्रेन किस चरण में है. मैं जो देख रहा हूं, वे शामिल होने के मानदंडों को पूरा करने से बहुत दूर हैं.” वहीं, स्पेन के यूरोपीय मामलों के मंत्री फर्नांडो सैम्पेड्रो मार्कोस ने दोनों देशों के प्रारंभिक कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने ”पिछले महीनों में बहुत कठिन परिस्थितियों में जबरदस्त प्रयास किया है.” यूक्रेन 2030 तक ईयू में शामिल होना चाहता है, लेकिन उसे पहले अपने यहां कई संस्थागत और कानूनी सुधार करने होंगे. इस चुनौतीपूर्ण सूची में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए कदम समेत सार्वजनिक प्रशासन और न्यायपालिका में व्यापक सुधार भी शामिल हैं.



