समान नागरिक संहिता: जनता भ्रमित नहीं होगी, राज्य को ऐसे कानून बनाने का अधिकार नहीं है – कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sat, 29 Oct 2022 09:27 PM
समान नागरिक संहिता: जनता भ्रमित नहीं होगी, राज्य को ऐसे कानून बनाने का अधिकार नहीं है – कांग्रेस
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अहमदाबाद. कांग्रेस की गुजरात इकाई ने शनिवार को कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए समिति गठित करने की गुजरात की भाजपा नीत सरकार के फैसले से जनता भ्रमित नहीं होगी. राज्य सरकार के इस फैसले को विधानसभा चुनावी से पहले का ‘चुनावी दांव’ बताते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन मोढवडिया ने कहा कि राज्य की विधायिका को ऐसे कानून बनाने का अधिकार नहीं है.

गौरतलब है कि राज्य में भूपेन्द्र पटेल नीत भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने आज दिन में कहा कि वह समान नागरिक संहिता लागू करने के तरीकों का अध्ययन करने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति का गठन करेगी.
संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह (समान नागरिक संहिता) सरकार की असफलता के कारण महंगाई, बेरोजगारी और तमाम अन्य समस्याओं से जूझ रही जनता को गुमराह करने का तरीका है. समान नागरिक संहिता को लागू करने की शक्तियां केन्द्र (भारत सरकार) के पास है. पर्सनल लॉ संसद में पारित होते हैं और गुजरात विधानसभा को यह कानून बनाने का अधिकार नहीं है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा पिछले 27 साल से गुजरात की सत्ता पर काबिज है और पिछले आठ साल से केन्द्र में भी उसकी सरकार है. अब जब विधानसभा चुनाव पास हैं, ऐसे में समान नागरिक संहिता पर फैसला समझ नहीं आता है.’’

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