केरल विधानसभा में ‘अतारांकित’ प्रश्नों के मुद्दे पर हंगामा

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Mon, 07 Oct 2024 12:48 PM
केरल विधानसभा में ‘अतारांकित’ प्रश्नों के मुद्दे पर हंगामा
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तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा में सोमवार को विपक्षी दल कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के सदस्यों ने उनके द्वारा प्रस्तुत ‘तारांकित’ प्रश्नों को अतारांकित प्रश्नों में परिर्वितत करने के मुद्दे पर हंगामा किया और सदन से बहिर्गमन किया।

केरल में 15वीं विधानसभा का 12वां सत्र चार अक्टूबर को शुरू हुआ था, लेकिन पहले दिन वायनाड भूस्खलन त्रासदी के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन स्थगित कर दिया गया था। सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत आज हंगामे के साथ हुई, जब नाराज विपक्ष ने 49 तारांकित प्रश्नों को गैर-तारांकित प्रश्नों में बदलने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ए. एन. शमशीर के समक्ष नाराजगी व्यक्त की।

विधानसभा अध्यक्ष ने हालांकि विधानसभा सचिवालय द्वारा किए गए बदलावों को उचित ठहराया और दावा किया कि इस कार्रवाई में कुछ भी ‘‘असामान्य’’ नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के प्रति कोई ‘‘भेदभाव’’ नहीं दिखाया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष के जवाब से असंतुष्ट यूडीएफ सदस्य तख्तियां और बैनर लेकर सदन के बीचोंबीच आ गए और सरकार तथा अध्यक्ष के खिलाफ नारे लगाने लगे। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन जब प्रश्नकाल के दौरान जवाब दे रहे थे तो यूडीएफ के विरोध प्रदर्शन के तेज होने पर अध्यक्ष ने फिर से हस्तक्षेप किया।

बाद में विधानसभा अध्यक्ष इस शर्त पर विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन को माइक्रोफोन देने पर सहमत हो गए कि प्रदर्शनकारी सदस्य अपनी सीटों पर लौटने के लिए तैयार हों। उनके अनुरोध पर मैथ्यू कुझालनादन (कांग्रेस) को छोड़कर विपक्षी दलों के अन्य सभी सदस्य अपनी सीटों पर वापस चले गए।

विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने कुझालनादन के अपना विरोध जारी रखने के बाद अध्यक्ष शमसीर ने पूछा, ‘‘यहां विपक्ष का नेता कौन है?’’ इस पर कांग्रेस नेता सतीशन की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया, ‘‘आपके (अध्यक्ष) सवाल अनुचित हैं। यह आपकी अपरिपक्वता को दर्शाता है।’’

उन्होंने उन पर सत्ता पक्ष से हाथ मिलाने और विपक्ष के खिलाफ खड़े होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि विपक्ष प्रश्नकाल का बहिष्कार कर रहा है। बाद में, मुख्यमंत्री विजयन और संसदीय कार्य मंत्री एम. बी़ राजेश ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्षी नेता की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की।

विजयन ने जहां सदन के इतिहास में इन टिप्पणियों को ‘अभूतपूर्व’ बताया, वहीं अध्यक्ष ने घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा की गई विवादास्पद टिप्पणियों को विधानसभा के रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जाएगा।

इसके बाद, कांग्रेस विधायक ए. पी. अनिलकुमार ने विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपा, जिसमें अनुरोध किया गया कि सतीशन के खिलाफ मुख्यमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री द्वारा दिए गए बयानों को भी सदन के रिकॉर्ड से हटाया जाए।

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