व्यापार लागत में कटौती के लिए घरेलू प्रयोगशालाओं को फलों के विकिरण की अनुमति दे अमेरिका: भारत

नयी दिल्ली. भारत ने अमेरिका से आम आदि फलों के विकिरण के लिए घरेलू प्रयोगशालाओं को अनुमति देने को कहा है. इससे निर्यातकों को अतिरिक्त व्यापार लागत में कटौती करने में मदद मिलेगी. निर्यातकों को वर्तमान में अमेरिकी बंदरगाहों पर विकिरण करना पड़ता है, जिससे खेप की अस्वीकृति की स्थिति में लागत और अनिश्चितता बढ. जाती है. भोज्य पदार्थों के विकिरण से उसमें उपस्थित सूक्ष्मजीव, जीवाणु, विषाणु एवं कीट आदि नष्ट हो जाते हैं. यह मुद्दा 12 जनवरी को यहां 14वीं भारत-अमेरिका व्यापार नीति मंच (टीपीएफ) की बैठक में उठाया गया था.

अधिकारी ने कहा, ” हमने फलों के विकिरण का मुद्दा उठाया जो वे अपने तट पर करते हैं. इसे यहां होने दें. वे भारतीय प्रयोगशालाओं को ऐसा करने की अनुमति दे सकते हैं. इससे एक तरह से व्यापार लागत कम हो जाएगी.” वहीं शोध संस्थान जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि निर्यात से पहले भारत में विकिरण करना बेहतर तरीका है. भारत में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं जो अमेरिकी आयात जरूरतों को पूरा कर सकती हैं.

भारत में विकिरण सुविधाएं गुजरात (गुजरात एग्रो गामा विकिरण सुविधा, अहमदाबाद), महाराष्ट्र (अंबरनाथ में गामा विकिरण सेवाएं और मुंबई में एग्रोसर्ज इरेडियेटर्स (इंडिया), तेलंगाना (गामा एग्रो-मेडिकल प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड, पशमिलाराम) और तमिलनाडु (कायथार में गामा टेक इंडिया) में हैं. ताजे आम, अंगूर, अनार, मसाले के अलावा कुछ हस्तशिल्प, फर्नीचर और खाल और त्वचा जैसे पशु उत्पाद को विकिरण की जरूरत होती है.

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