उपराष्ट्रपति चुनाव: राधाकृष्णन ने नामांकन पत्र दाखिल किया

नयी दिल्ली: उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.

नामांकन पत्र दाखिल करने गए राधाकृष्णन के साथ राजग के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मौजूद थे. प्रधानमंत्री ने राज्यसभा महासचिव पी. सी. मोदी को नामांकन पत्रों के चार सेट सौंपे, जो उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी हैं.
नामांकन पत्रों के चार सेट में मोदी, सिंह, शाह और जनता दल (यूनाइटेड) नेता राजीव रंजन सिंह मुख्य प्रस्तावक हैं.

उपराष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर कम से कम 20 निर्वाचकों द्वारा प्रस्तावक और कम से कम 20 अन्य निर्वाचकों द्वारा अनुमोदक के रूप में हस्ताक्षर करना आवश्यक होता है. राजग ने दाखिल किए गए नामांकन पत्रों के चार सेट में प्रस्तावक और अनुमोदक के रूप में अपने सभी घटकों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है. निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्रों की जांच की जिसके बाद राधाकृष्णन ने एक रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए. इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने प्रधानमंत्री को नामांकन पत्रों की पावती पर्ची सौंपी.

मोदी, शाह, वरिष्ठ मंत्री प्रह्लाद जोशी, धर्मेंद्र प्रधान और राजग के अन्य नेताओं में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) नेता और केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू, शिवसेना नेता श्रीकांत शिंदे, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास पासवान) नेता चिराग पासवान शामिल थे. सभी नेताओं के साथ राधाकृष्णन संसद भवन स्थित निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय तक गए. इससे पहले, राधाकृष्णन ने संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर महात्मा गांधी और अन्य राष्ट्रीय नेताओं को श्रद्धांजलि दी. प्रेरणा स्थल में प्रतिष्ठित हस्तियों की प्रतिमाएं स्थापित हैं.

उन्होंने सबसे पहले महात्मा गांधी की विशाल प्रतिमा के समक्ष नमन किया और फिर अन्य प्रसिद्ध हस्तियों को श्रद्धांजलि दी.
उपराष्ट्रपति के चुनाव में संसद में संख्याबल के हिसाब से राधाकृष्णन का चुना जाना निश्चित माना जा रहा है. विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों का संयुक्त उम्मीदवार बनाया है. उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं. राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी वोट डालने के पात्र होते हैं.

निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 781 है और बहुमत का आंकड़ा 391 है. सत्तारूढ़ राजग को कम से कम 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है और युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) जैसी पार्टियां पहले ही राधाकृष्णन को समर्थन देने की घोषणा कर चुकी हैं. वाईएसआरसीपी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा नहीं है.

महाराष्ट्र के राज्यपाल राधाकृष्णन (67) अपने शुभचिंतकों के बीच ”पचाई तमीजान” (सच्चे तमिल) के रूप में मशहूर हैं. राधाकृष्णन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सदस्य के रूप में कार्य किया और बाद में तमिलनाडु में पार्टी का नेतृत्व किया.

राजग, उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राधाकृष्णन को एक बेदाग नेता के रूप में पेश कर रहा है, जिनके पास राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव है. राजग का कहना है कि वह राज्यसभा के सभापति के रूप में उपयुक्त व्यक्ति साबित होंगे. राधाकृष्णन 2016 से 2020 तक अखिल भारतीय कोयर बोर्ड के अध्यक्ष रहे. यह वो अवधि थी जब कोयर निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई. कोयर बोर्ड, भारत सरकार द्वारा स्थापित एक वैधानिक निकाय है जिसका मुख्य उद्देश्य कोयर (नारियल के रेशे) उद्योग को बढ़ावा देना और विकसित करना है. भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने राधाकृष्णन को एक ऐसा ”राजनेता” बताया, जिनका सभी दलों में सम्मान है. वह तमिलनाडु में प्रभावशाली गौंडर जाति से आते हैं, जो एक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय है.

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