विष्णु देव साय ने छग के मुख्यमंत्री के रूप में ली शपथ, अरुण साव और विजय शर्मा बने उपमुख्यमंत्री

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Wed, 13 Dec 2023 09:59 PM
विष्णु देव साय ने छग के मुख्यमंत्री के रूप में ली शपथ, अरुण साव और विजय शर्मा बने उपमुख्यमंत्री
ऑडियो सुनें

रायपुर/नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता विष्णुदेव साय ने बुधवार को यहां छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
साय के साथ ही भाजपा विधायक अरुण साव और विजय शर्मा ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. यह पहला मौका है जब राज्य में मुख्यमंत्री को सहयोग करने के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं .

राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने साइंस कॉलेज मैदान में एक शपथ ग्रहण समारोह के दौरान साय और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई, इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और रामदास अठावले, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के उनके समकक्ष हिमंत बिस्वा सरमा, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और अन्य राज्यों के पार्टी नेता शामिल हुए. इस कार्यक्रम में राज्य के लगभग 50 हजार लोग भी शामिल हुए.

समारोह के दौरान मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव भी मौजूद रहे. मंच पर प्रधानमंत्री मोदी ने बघेल से हाथ मिलाया. राज्य की कुल 90 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 54 सीटें जीती है. 2018 में 68 सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस बार 35 सीटों पर सिमट गई. राज्य में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एक सीट जीतने में कामयाब रही.

भाजपा ने रविवार को प्रमुख आदिवासी नेता साय (59) को छत्तीसगढ़ के अगले मुख्यमंत्री के रूप में चुना. साय प्रदेश के चौथे मुख्यमंत्री हैं. उनके पूर्वर्वितयों में 2000 से 2003 तक अजीत जोगी (कांग्रेस), 2003 से 2018 तक रमन सिंह (भाजपा) और 2018 से दिसंबर 2023 तक कांग्रेस से भूपेश बघेल शामिल हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री साय, जो छत्तीसगढ़ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं, इस विधानसभा चुनाव में राज्य के सरगुजा संभाग की कुनकुरी सीट से विधायक चुने गए हैं.

भाजपा ने राज्य में अनुसूचित जनजाति (एसटी) उम्मीदवारों के लिए आरक्षित 29 सीटों में से 17 सीटों में जीत हासिल की है. साथ ही सरगुजा क्षेत्र की सभी 14 सीटों पर भी भाजपा के उम्मीदवार जीते हैं. साय ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक गांव के सरपंच के रूप में की और भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर रहे. साथ ही वह केंद्रीय मंत्री और कई बार लोकसभा सदस्य बने. साय के आरएसएस के साथ भी अच्छे संबंध हैं.

साय के साथ शपथ लेने वाले उपमुख्यमंत्री अरुण साव (54) प्रभावशाली साहू (तेली) ओबीसी समुदाय से आते हैं तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं. अधिवक्ता से नेता बने साव ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी थानेश्वर साहू को लोरमी सीट से 45,891 वोटों से हराया है.

साव को एक गैर-विवादास्पद और तटस्थ नेता माना जाता है, जिनका भाजपा की राज्य इकाई के किसी भी समूह से कोई संबंध नहीं है. 2019 के संसदीय चुनावों के दौरान साव का चुनावी राजनीति का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन इस चुनाव में वह मोदी लहर के बीच बिलासपुर लोकसभा सीट से 1.41 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी.

विधानसभा चुनाव से एक साल पहले अरुण साव को विष्णु देव साय की जगह छत्तीसगढ़ भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया था.
अन्य उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा (50) ब्राह्मण समुदाय से हैं. वह राज्य में भाजपा के महामंत्री हैं. हिंदुत्व के मुखर समर्थक शर्मा ने कवर्धा निर्वाचन क्षेत्र में प्रभावशाली कांग्रेस नेता और निवर्तमान मंत्री मोहम्मद अकबर को 39,592 वोटों से हराया है. शर्मा अक्टूबर 2021 में कबीरधाम जिले के कवर्धा शहर में सांप्रदायिक झड़प की एक घटना के बाद सुर्खियों में आए थे.

तीन अक्टूबर, 2021 को कवर्धा शहर में एक चौराहे से धार्मिक झंडे हटाने को लेकर दो समुदायों के लोगों के बीच झड़प हो गई. घटना के दो दिन बाद दक्षिणपंथी संगठनों ने घटना के विरोध में शहर में एक रैली निकाली थी जिसके दौरान हिंसा हुई. भाजपा सांसद संतोष पांडे, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और विजय शर्मा उन लोगों में शामिल थे जिनके खिलाफ दंगा भड़काने और अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस दौरान शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया.

शर्मा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत आरएसएस की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की कवर्धा शहर इकाई के संयुक्त संयोजक के रूप में की थी. 2004 से 2010 तक, वह भारतीय जनता युवा मोर्चा कबीरधाम जिला इकाई के प्रमुख थे.
उन्होंने 2016 से 2020 तक भाजयुमो छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. 2020 में, उन्हें कबीरधाम जिला पंचायत के सदस्य के रूप में चुना गया.

कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि जल्द ही साय मंत्रिमंडल का विस्तार होगा और ऐसा लगता है कि यह एक संतुलित मंत्रिमंडल होगा. राज्य के 90 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 13 मंत्री हो सकते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर विष्णु देव साय को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर विष्णुदेव साय को बधाई दी और उम्मीद जताई कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध इस राज्य की जन-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी.

मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा को बहुत-बहुत शुभकामनाएं!” उन्होंने कहा, ”मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध इस राज्य की भाजपा सरकार जन आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी. प्रदेशवासियों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाने के लिए डबल इंजन सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Nandkishoryadav