कैलिफोर्निया में नए नक्शों पर मतदान जारी, ‘यूएस हाउस’ पर बदल सकता है नियंत्रण

लॉस एंजिलिस: भले ही मध्यावधि चुनाव को अभी एक साल बाकी हो लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (यूएस हाउस) पर नियंत्रण की लड़ाई कैलिफोर्निया में शुरू हो चुकी है। कांग्रेस के जिलों को बदलने के एक प्रस्ताव पर पूरे कैलिफोर्निया राज्य में सोमवार को मतदान शुरू हो गया है। इस बदलाव से डेमोक्रेटों को पांच और सीटें मिल सकती हैं, जो 2026 के चुनाव में रिपब्लिकनों को फायदा पहुंचाने की ट्रंप की कोशिशों का सफल जवाब हो सकता है।

इस 70-शब्दों के ‘हां’ या ‘नहीं’ वाले प्रश्नों का नतीजा तय करेगा कि विभाजित प्रतिनिधि सभा पर कौन सी पार्टी नियंत्रण करेगी। साथ ही यह भी निर्धारित होगा कि क्या डेमोक्रेट आप्रवासन से लेकर प्रजनन अधिकारों जैसे मुद्दों पर ट्रंप के कार्यकाल के दूसरे भाग में उनकी शक्ति को कमजोर कर पाएंगे या नहीं।

डेमोक्रेटिक सलाहकार रोजर सालाजार ने कहा कि यह प्रस्ताव “2026 की दौड़ के लिए एक शुरूआती ंिबदु है।” उन्होंने कहा, “सब कुछ 2026 के चुनाव पर निर्भर करता है।” कैलिफ़ोर्निया के इस मतदान उपाय का राष्ट्रीय महत्व साफ दिखाई देता है। यह महत्व इस बात से पता चलता है कि इसने कितना पैसा आर्किषत किया है और इसमें कौन-कौन सी हस्तियां शामिल हो रही हैं। इस चुनावी दौड़ में करोड़ों डॉलर का निवेश हो रहा है, जिसमें हाउस स्पीकर माइक जॉनसन से जुड़े सुपर पीएसी, कांग्रेसनल लीडरशिप फंड की ओर से विरोधियों को दिया गया 50 लाख अमेरिकी डॉलर का चंदा भी शामिल है।

पूर्व एक्शन-फिल्म अभिनेता और रिपब्लिकन गवर्नर अर्नाल्ड श्वार्जनेगर ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। वहीं पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा इसके समर्थन में हैं। ओबामा ने इसे प्रतिनिधि सभा पर नियंत्रण सुरक्षित रखने के उद्देश्य से रिपब्लिकनों द्वारा की जा रही पैंतरेबाजी का मुकाबला करने का ‘स्मार्ट’ तरीका बताया है।

जो चुनाव चार नवंबर को समाप्त होगा वह 2028 के आगामी राष्ट्रपति चुनाव को भी प्रभावित करेगा। नए और बदले हुए जिलों के अभियान का मुख्य चेहरा माने जाने वाले डेमोक्रेटिक गवर्नर गैविन न्यूजोम को इस चुनाव में व्यापक रूप से एक संभावित दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।

जो कैलिफोर्निया में होगा, क्या वही पूरे देश में भी होगा? न्यूजोम ने हाल ही में समर्थकों को भेजे गए एक चंदा जुटाने वाले पत्र में लिखा, “अगर हम हार गए तो भगवान ही हमारी मदद करे।” उन्होंने कहा, “डेमोक्रेटों के लिए यह पूरी तरह से एकजुट होकर काम करने का समय है।” ट्रंप की शक्ति को कम करने वाला चुनावी दांव:

यह असामान्य विशेष चुनाव डेमोक्रेटों का एक दांव है। इसका उद्देश्य टेक्सास में पांच रिपब्लिकन जिले हासिल करने के ट्रंप के प्रयास को कमजोर करना है। ट्रंप का यह कदम प्रतिनिधि सभा पर रिपब्लिकन पार्टी की कमजोर पकड़ को मजबूत करने के इरादे से उठाया गया था।
देश के दो सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों के बीच यह मुकाबला पूरे राष्ट्र में फैल गया है। इसी कड़ी में मिसौरी राज्य भी अपने प्रतिनिधि सभा के मानचित्रों को फिर से बना रहा है, जिन्हें हर राज्य अपनी सुविधा के अनुसार तैयार कर रहा है।

जल्द ही अन्य राज्य भी इसका अनुसरण कर सकते हैं जबकि यह विवाद अब अदालतों के दांव-पेंच में भी उलझ गया है। इस बीच टेक्सास में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। वहां संघीय न्यायाधीशों का एक पैनल विचार कर रहा है कि क्या राज्य नए बनाए गए कांग्रेस मानचित्र का उपयोग कर सकता है, जो रिपब्लिकनों को अधिक फायदा पहुंचाता है।

अगर टेक्सास के मानचित्र पर अस्थायी रूप से भी रोक लगा दी जाती है तो यह स्पष्ट नहीं है कि इस फैसले का कैलिफोर्निया पर क्या असर होगा या होगा भी या नहीं, जहां मतदान अभी जारी है। न्यूजोम ने पहले संकेत दिया था कि अगर अन्य राज्य पक्षपातपूर्ण फायदे के लिए जिलों को बदलने के अपने प्रयास रोकते हैं तो भी कैलिफोर्निया अपने वर्तमान मानचित्र को बरकरार रख सकता है। हालांकि यह बात आधिकारिक तौर पर ‘प्रस्ताव 50’ कहे जाने वाले अंतिम दस्तावेज में शामिल नहीं की गई थी।

कैलिफोर्निया में जीओपी के पास सिर्फ चार प्रतिनिधि सभा सीटें रह सकती हैं अगर यह प्रस्ताव कैलिफोर्निया में मंजूर हो जाता है तो संभव है कि नया राजनीतिक नक्शा रिपब्लिकन-नियंत्रित पांच प्रतिनिधि सभा सीटों को खत्म कर दे। वहीं, यह अन्य चुनावी जिलों में मौजूदा डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को मजबूती देगा। इससे कैलिफोर्निया की 52 कांग्रेस सीटों में डेमोक्रेटों का आंकड़ा मौजूदा 43 सीटों से बढकर 48 तक पहुंच सकता है।

उदारवादी रुझान वाला कैलिफोर्निया लंबे समय से प्रतिनिधि सभा के चुनावों में एक अजीबोगरीब अपवाद रहा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन के पास 219-213 का बहुमत है, जिसमें तीन सीटें खाली हैं। जनगणना होने के बाद नए नक्शे आमतौर पर हर दस साल में एक बार बनाए जाते हैं। टेक्सास सहित कई राज्यों में जनप्रतिनिधियों को नक्शे बनाने की शक्ति दी जाती है। वहीं कैलिफोर्निया उन राज्यों में से है जो एक स्वतंत्र आयोग पर निर्भर करता है, जिसे गैर-पक्षपातपूर्ण होना चाहिए।

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