
नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया. इसके तहत महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को जबकि झारखंड में दो चरणों में 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा. दोनों राज्यों में मतगणना 23 नवंबर को होगी.
इसी के साथ दोनों राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि शहरी उदासीनता की समस्या को दूर करने के लिए महाराष्ट्र और झारखंड में बुधवार को मतदान का दिवस तय किया गया है.
निर्वाचन आयोग ने 15 राज्यों की 48 विधानसभा सीट तथा दो लोकसभा क्षेत्रों वायनाड और नांदेड़ के लिए उपचुनाव की भी घोषणा की.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि महाराष्ट्र में 22 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होगी तथा नामांकन की आखिरी तिथि 29 अक्टूबर होगी. उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र चार नवंबर, 2024 तक वापस लिए जा सकते हैं.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ”महाराष्ट्र में 9.63 करोड़ योग्य मतदाता हैं जबकि झारखंड में यह संख्या 2.6 करोड़ है.” कुमार ने कहा कि महाराष्ट्र में कुल 1,00186 मतदान केंद्रों पर 20 नवंबर को मतदान होगा 23 नवंबर को मतगणना होगी. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग का काम है. उन्होंने कहा कि अगर कहीं से समान अवसर की स्थिति प्रभावित होने की बात आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. कुमार ने राजनीतिक दलों का आह्वान किया कि वे चुनाव प्रचार के दौरान नियमों का पालन करें. वर्तमान महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है.
महाराष्ट्र में फिलहाल महायुति गठबंधन की सरकार है, जिसके मुखिया शिवसेना के एकनाथ शिंदे हैं. इस सत्ताधारी गठबंधन में शिवसेना के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल है.
दूसरी तरफ, विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) है. इसमें उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस तथा शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल है.
वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति बिल्कुल बदल गई है. साल 2019 का विधानसभा चुनाव भाजपा और अविभाजित शिवसेना ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बैनर तले मिलकर लड़ा था. राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 165 सीट पर उम्मीदवार उतारे थे और वह 105 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. शिवसेना ने 126 सीट पर चुनाव लड़ा था और उसे 56 पर जीत मिली थी.
दूसरी तरफ, कांग्रेस ने 147 सीट पर उम्मीदवार उतारे थे और वह 44 सीट पर विजयी रही थी, जबकि राकांपा को 121 में से 54 सीट पर जीत हासिल हुई थी. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि पूर्वी भारत के जनजातीय बहुल राज्य झारखंड में दो चरणों में क्रमश: 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा.
कुमार ने बताया कि झारखंड में मतदाताओं की कुल संख्या 2.6 करोड़ है. इनमें 1.29 करोड़ महिलाएं और 1.31 करोड़ पुरुष मतदाता हैं.
महाराष्ट्र में एक और झारखंड में दो चरणों में चुनाव कराए जाने के कारणों के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने बताया कि पिछली बार यानी 2019 में इस राज्य (झारखंड) में पांच चरणों में मतदान हुए थे. उन्होंने कहा कि आयोग अब जबकि पांच से कम करके दो चरणों में चुनाव करा रहा है तो ऐसे सवाल लाजिमी नहीं हैं.
उन्होंने बताया कि नक्सली समस्या और कुछ विशेष परिस्थितियों के कारण झारखंड में दो चरणों में मतदान संपन्न कराया जाएगा.
उन्होंने कहा कि झारखंड में पहली बार मतदान के पात्र युवाओं की कुल संख्या 11.84 लाख है. कुमार ने कहा कि राज्य में कुल 29,562 मतदान केंद्रों की स्थापना की जाएगी, इनमें से 5042 मतदान केंद्र शहरी इलाकों में जबकि 24,520 केंद्र ग्रामीण इलाकों में होंगे.
राज्य में विधानसभा की 81 सीट हैं. इनमें 44 सामान्य हैं तथा 28 अनुसूचित जनजाति और नौ अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं.
झारखंड में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले गठबंधनों के बीच है. यहां भाजपा का ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) और जनता दल (यूनाईटेड) के साथ गठबंधन है. इस बार तीनों दल साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं.
झामुमो नेतृत्व वाले गठबंधन में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वामपंथी दल शामिल हैं. हेमंत सोरेन इस गठबंधन की अगुवाई कर रहे हैं और वह राज्य के मुख्यमंत्री हैं. झारखंड में साल 2019 के विधानसभा चुनाव में झामुमो, कांग्रेस और राजद के गठबंधन ने राज्य की 81 में से 47 सीट जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था. इसके बाद हेमंत सोरेन दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने. इस चुनाव में भाजपा 25 सीट पर सिमट गई थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास भी चुनाव हार गए थे. महाराष्ट्र और झारखंड के साथ ही निर्वाचन आयोग ने 15 राज्यों की 48 विधानसभा सीटों तथा वायनाड और नांदेड़ लोकसभा सीटों के लिए उपचुनाव की भी घोषणा की.
केरल की वायनाड लोकसभा सीट और विभिन्न राज्यों की 47 विधानसभा सीट के लिए 13 नवंबर को उपचुनाव होगा, जबकि महाराष्ट्र के नांदेड़ संसदीय क्षेत्र और तथा उत्तराखंड के केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के लिए 20 नवंबर को उपचुनाव कराया जाएगा.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में वायनाड और रायबरेली सीट से जीत दर्ज की थी. गांधी ने वायनाड सीट खाली कर दी थी और रायबरेली सीट को बरकरार रखा था. इस सीट से राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा पार्टी की उम्मीदवार होंगी.
नांदेड़ संसदीय सीट के लिये उपचुनाव कांग्रेस सांसद वसंत चव्हाण के निधन के कारण कराया जा रहा है. इस सीट पर उपचुनाव महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए मतदान वाले दिन होगा.
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की बशीरहाट लोकसभा सीट तथा उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा फिलहाल नहीं की है. कुमार ने इन दोनों सीटों के बारे में पूछे जाने पर कि अदालत में मामला होने के चलते इन जगहों पर उपचुनाव नहीं कराए जा रहे हैं.
तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नुरुल इस्लाम के हाल में निधन के कारण बशीर हाट में उपचुनाव होना है. समाजवादी पार्टी के नेता अवधेश प्रसाद ने फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित होने के बाद मिल्कीपुर विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया है.
आयोग ने मंगलवार को जिन 48 विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव की घोषणा की है, उनमें उत्तर प्रदेश की नौ, राजस्थान की सात, पश्चिम बंगाल की छह, असम की पांच, बिहार की चार, पंजाब की चार, कर्नाटक की तीन, केरल की दो, मध्य प्रदेश की दो, सिक्किम की दो तथा छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तराखंड और मेघालय की एक-एक सीट शामिल हैं. जिन लोकसभा और विधानसभा सीट के लिये उपचुनाव हो रहे हैं, उनके लिये मतगणना 23 नवंबर को होगी.



