‘विरोध का नहीं, बदलाव का उम्मीदवार’ था, कांग्रेस की मजबूती का सिलसिला आरंभ हुआ: थरूर

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 19 Oct 2022 08:32 PM
‘विरोध का नहीं, बदलाव का उम्मीदवार’ था, कांग्रेस की मजबूती का सिलसिला आरंभ हुआ: थरूर
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नयी दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में उम्मीदवार रहे शशि थरूर ने अपनी हार के बाद बुधवार को कहा कि वह कभी भी विरोध (डिसेंट) के उम्मीदवार नहीं थे, बल्कि बदलाव के उम्मीदवार थे. उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के चुनाव के प्रावधान वाले कांग्रेस के संविधान के प्रावधान पर अमल करेंगे.

खरगे ने संवाददाताओं से यह भी कहा कि लोकतांत्रिक मुकाबला था जिस वजह से पार्टी में सभी स्तरों पर स्वस्थ और रचनात्मक बहस हुई और यह भविष्य में पार्टी के लिए बेहतर रहेगा. थरूर के अनुसार, कांग्रेस के मजबूत होने का सिलसिला आरंभ हो चुका है. उन्होंने कहा, ‘‘अब हम यहां से आगे की ओर बढ़ेंगे. हमारे कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार हो गया है. मुझे पूरा भरोसा है कि पार्टी अपनी ताकत दिखाएगी.’’ थरूर का कहना था, ‘‘मैं आशा करता हूं कि कांग्रेस मजबूत होती जाएगी. मजबूत भारत के लिए कांग्रेस का मजबूत होना जरूरी है.’’ चुनाव हारने के बाद थरूर ने खरगे के आवास पर जाकर उन्हें बधाई दी और साथ मिलकर काम करने की भावना प्रकट की.

थरूर के अनुसार, नेहरू-गांधी परिवार का कांग्रेस सदस्यों के दिलों में हमेशा एक विशेष स्थान रहा है और आगे भी रहेगा.
उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरी आशा है और विश्वास है कि यह परिवार कांग्रेस, हमारी नैतिक चेतना और मार्गदर्शन करने वाली भावना का मूल स्तंभ बना रहेगा.’’ सोनिया गांधी के योगदान की तारीफ करते हुए थरूर ने कहा कि पार्टी पर उनका ऐसा कर्ज है जिसे कभी चुकाया नहीं जा सकता.

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस का अध्यक्ष बनना बड़े सम्मान, बड़ी जिम्मेदारी की बात है, मैं मल्लिकार्जुन खरगे को इस चुनाव में उनकी सफलता के लिए बधाई देता हूं ’’ उनका यह भी कहना था कि कांग्रेस के सभी लोग सर्वाधिक संकटपूर्ण स्थितियों में पार्टी का संबल बने रहने और नेतृत्व प्रदान करने के लिए निवर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के ऋणी हैं. थरूर ने कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष पद का स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में अपना योगदान देने के लिए मैं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी का धन्यवाद करता हूं.’’

कांग्रेस चुनाव: थरूर की टीम ने उत्तर प्रदेश में डाले गए सभी मतों को अवैध माने जाने की मांग की

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर की टीम ने पार्टी के मुख्य निर्वाचन प्राधिकारी को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश में चुनाव के दौरान ‘‘अत्यंत गंभीर अनियमितताओं’’ का मुद्दा उठाया और मांग की कि राज्य में डाले गए सभी मतों को अमान्य किया जाए. सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. थरूर की प्रचार टीम ने पंजाब और तेलंगाना में भी चुनाव के संचालन में ‘‘गंभीर समस्या’’ के मुद्दे उठाए थे.

सूत्रों ने कहा कि पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री को लिखे पत्र में थरूर के मुख्य चुनाव एजेंट सलमान सोज ने कहा है कि तथ्य ‘‘हानिकारक’’ हैं और उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया में ‘‘विश्वसनीयता और प्रमाणिकता की कमी’’ है.
उन्होंने कहा कि मतदान एजेंटों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद थरूर की टीम व्यथित करने वाले तथ्यों के बारे में अवगत कराने के लिए बाध्य है.

सोज ने मिस्त्री को बताया कि उत्तर प्रदेश में जो कुछ देखा गया है वह ‘‘आपके कार्यालय’’ के अधिकार को खुली चुनौती के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के आदेशों की अवमानना ??है.
सूत्रों के मुताबिक, सोज ने अपने पत्र में लिखा, ‘‘हम यह रेखांकित करना चाहेंगे कि हमारे पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मल्लिकार्जुन खरगे जी को पता था कि कैसे उनके समर्थक उत्तर प्रदेश में चुनावी कदाचार में लिप्त थे. हमें यकीन है कि अगर उन्हें जानकारी होती तो उत्तर प्रदेश में जो कुछ हुआ, उसे वह कभी नहीं होने देते.’’

सोज को उद्धृत करते हुए पत्र में कहा गया, ‘‘वह (खरगे) ऐसे चुनाव को कलंकित नहीं होने देंगे जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.’’ उत्तर प्रदेश में थरूर की टीम द्वारा जिन ‘‘अनियमितताओं’’ का उल्लेख किया गया उनमें मतपेटियों के लिए अनाधिकृत मुहरों का उपयोग, मतदान केंद्रों में अनाधिकृत व्यक्तियों की उपस्थिति, मतदान कदाचार, मतदान सारांश पत्र नहीं होने, उत्तर प्रदेश के प्रभारी एआईसीसी सचिवों की उपस्थिति आदि शामिल हैं.

सूत्रों के मुताबिक, 18 अक्टूबर की तारीख वाले पत्र में कहा गया, ‘‘अगर उत्तर प्रदेश की दागदार प्रक्रिया को कायम रहने दिया जाता है तो हम यह नहीं समझ पा रहे कि इस चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष कैसे माना जा सकता है. इसलिए हम मांग करते हैं कि उत्तर प्रदेश के सभी वोटों को अवैध माना जाए.’’ थरूर की टीम ने कहा कि उसे इस चुनाव में ‘‘मतदाता धोखाधड़ी’’ का संदेह है और आरोप लगाया कि ऐसे निर्वाचक थे जो मतदान के दिन लखनऊ क्षेत्र में मौजूद नहीं थे और उनका मत डाला गया था. पत्र में कहा गया है कि कुछ लोगों की ओर से वोट नहीं डालने की शिकायत थी क्योंकि अन्य ने पहले ही उनका वोट डाल दिया था.

सूत्रों के मुताबिक,सोज ने कहा, ‘‘जब हमारे एजेंटों ने मतदाता कदाचार की शिकायत की, तो दूसरे पक्ष के समर्थक मतदान केंद्र के अंदर आ गए और हंगामा किया और हमारे मतदान एजेंटों को धमकाना शुरू कर दिया.’’ यह उल्लेख करते हुए कि थरूर ने हमेशा की तरह यथास्थिति में ‘बदलाव’ के नारे के साथ चुनाव लड़ा था और उनकी टीम चुनाव की प्रमाणिकता को कायम रखने के लिये लड़ने को तैयार है.

सूत्रों के मुताबिक, सोज ने कहा, ‘‘जीत या हार बहुत कम मायने रखती है क्योंकि दोनों प्रतियोगी एक ही परिवार का हिस्सा हैं. हालांकि, हमारे अभियान, हमारे स्वयंसेवकों और हमारे समर्थकों के लिए यह बहुत मायने रखता है कि हम यह सुनिश्चित करें कि इस चुनाव के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मजबूत हो.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा तभी हो सकता है जब हम इस चुनाव की सत्यनिष्ठा को प्रमाणित करने में सक्षम हों.’’ टीम थरूर ने कहा कि कोई भी चुनाव प्रक्रिया दोषहीन नहीं हो सकती और वह इसे समझती है. उसने बताया कि उसने एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) और पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) के नेताओं द्वारा सीईए दिशानिर्देशों के कई उल्लंघनों को स्वीकार किया.

पत्र में सोज को उद्धृत करते हुए कहा गया, ‘‘हमने अन्यायपूर्ण और अनुचित व्यवहार देखा जिसने हमें समान अवसर पर काम करने से रोका लेकिन हम पार्टी के हित में चुप रहे. हमने पार्टी की सार्वजनिक छवि की रक्षा के लिए इसे अपने ऊपर ले लिया जब हमारे कई सहयोगी कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देशों और राहुल गांधी जी के सार्वजनिक बयानों के विपरीत काम कर रहे थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, यह अब जारी नहीं रह सकता. पार्टी की छवि की रक्षा करना सिर्फ हमारे अभियान का काम नहीं है. अन्य को अब आगे बढ़कर अपनी भूमिका निभानी होगी. हम उन्हें जवाबदेह ठहराएंगे.’’ मिस्त्री को लिखे एक अन्य पत्र में, थरूर की टीम ने पंजाब और तेलंगाना में चुनाव के संचालन में भी गंभीर समस्या के मुद्दों को उठाया है.

उस पत्र में, थरूर की टीम ने आरोप लगाया कि पंजाब में डेलीगेट कार्ड बांटने के लिए ‘‘अनैतिक प्रक्रिया’’ का पालन किया गया और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख अमंिरदर सिंह राजा वंिडग मतदान केंद्र के अंदर नियमित रूप से मतदान की पूरी अवधि के लिए मौजूद थे और ‘फर्जी मतदान की अनुमति’ दे रहे थे.

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