WHO ने कोविड से जुड़ी 47 लाख अतिरिक्त मौतों का अनुमान लगाया, भारत ने विसंगति वाला बताया

नयी दिल्ली. सरकार ने शुक्रवार को कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की गणितीय प्रारूप प्रक्रिया के अनुसार दो साल की अवधि में देश में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोविड-19 से जुड़ी लगभग 47 लाख अतिरिक्त मौतों का अनुमान लगाया गया है. हालांकि सरकार ने इस मॉडल को विसंगति वाला बताया है.

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती पवार ने लोकसभा में विजय कुमार वसंत, दीपक बैज और असदुद्दीन ओवैसी के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. पवार ने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से मिली सूचना के अनुसार देश में 26 जुलाई तक की स्थिति के अनुसार कोविड-19 के कारण कुल 5,26,110 मौतों की सूचना मिली है.

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने गणितीय मॉडल की प्रक्रिया के आधार पर एक जनवरी, 2020 से 31 दिसंबर, 2021 के बीच देश में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोविड-19 से जुड़ी लगभग 47 लाख अतिरिक्त मौतों का अनुमान लगाया है. मंत्री ने कहा कि यह मुख्य रूप से सभी कारणों से होने वाली मौतों का अनुमान है जिसमें कोविड-19 के कारण होने वाली मौतें भी शामिल हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि डब्ल्यूएचओ का यह गणितीय मॉडंिलग आधारित दृष्टिकोण, हालांकि, कई विसंगतियों और गलत धारणाओं वाला था. पवार ने कहा कि भारत ने टियर-1 के तहत कुछ देशों के वर्गीकरण के खिलाफ अपना विरोध दर्शाया था, जिस समय उन्होंने रिपोर्टिंग और भारत को टियर-2 के तहत रखने में डेटा विसंगतियों को प्रर्दिशत किया था, जबकि भारत ने डेटा रिपोर्टिंग की एक मजबूत प्रणाली का पालन किया है.

उन्होंने कहा कि भारत ने डब्ल्यूएचओ द्वारा अपनाए गये सभी के लिए एक ही दृष्टिकोण पर भी आपत्ति जताई थी जो छोटे देशों के लिए सच हो सकता है लेकिन भारत जैसे विशाल और विविधता वाले देश पर लागू नहीं किया जा सकता है. पवार ने कहा कि ‘‘विश्व स्वास्थ्य संगठन से यह भी कहा गया कि वह इस अवैज्ञानिक दृष्टिकोण की व्याख्या करे.’’

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