जो भी भारत पर बुरी नजर डालने की कोशिश करेगा, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा: राजनाथ सिंह

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 16 Oct 2022 05:47 PM
जो भी भारत पर बुरी नजर डालने की कोशिश करेगा, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा: राजनाथ सिंह
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नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद के बीच रविवार को कहा कि भारत ने कभी किसी देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की है, लेकिन अगर कोई उस पर बुरी नजर डालने का प्रयास करता है, तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. रक्षा मंत्री ने एक डिजिटल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और देश सभी चुनौतियों से निपटने को तैयार है.

उन्होंने कहा, ‘‘भारत एक शांति-प्रेमी राष्ट्र है, जिसने कभी किसी देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की, लेकिन यदि देश का अमन चैन बिगाड़ने का कोई प्रयास हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.’’ रक्षा मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों को स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित करके सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है.

उन्होंने देशवासियों से सांप्रदायिक बंधनों से पार जाकर प्रत्येक भारतीय सैनिक तथा स्वतंत्रता सेनानी में पाए जाने वाले राष्ट्रीय गौरव एवं देशभक्ति के गुणों को आत्मसात करके राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह भी किया वह गैर सरकारी संगठन ‘मारुति वीर जवान ट्रस्ट’ द्वारा आयोजित ‘शहीदों को सलाम’ कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के जवान क्षेत्र, धर्म, जाति और भाषा के बंधनों से ऊपर उठकर नि:स्वार्थ भाव से मातृभूमि की सेवा करते हैं और लोगों को विभिन्न खतरों से सुरक्षित रखते हैं. सिंह ने कहा कि उसी तरह से हमारे क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी.

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘ हमारे स्वाधीनता सेनानियों और बहादुर सैनिकों के आदर्शों एवं संकल्पों को आगे बढ़ाना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य है. देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है.’’ राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों और सशस्त्र बलों के जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए सिंह ने कहा, ‘‘हमें एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर ‘नये भारत’ के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी है.’’

रक्षा मंत्री ने शहीदों के परिवार के सदस्यों की सहायता करने को राष्ट्रीय जिम्मेदारी करार दिया. उन्होंने कहा कि सरकार सेवारत और सेवानिवृत्त र्किमयों के परिजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने परिवार को किसी सैनिक की सबसे बड़ी ताकत और आधार स्तंभ बताया और कहा कि सरकार इसे मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है.

सिंह ने बताया कि गृह मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, ‘भारत के वीर’ नाम का कोष शुरू किया गया था, जो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के जवानों और र्किमयों के परिवारों की सहायता करने के उद्देश्य से लिए गए उनके प्रमुख निर्णयों में से एक था.
रक्षा मंत्री ने बताया, ‘‘हाल ही में, रक्षा मंत्रालय ने ‘मां भारती के सपूत’ वेबसाइट शुरू की है, ताकि लोग ‘सशस्त्र बल युद्ध हताहत कोष’ में अधिक योगदान कर सकें.’’ सिंह ने कहा कि सशस्त्र बलों को स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों/उपकरणों से लैस करके देश के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में जल्द ही पूर्ण ‘आत्मनिर्भरता’ हासिल करने के लिए ‘मेड इन इंडिया’ युद्धपोत और अन्य उपकरणों को शामिल करना इस संकल्प को दर्शाता है.

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