13 नंबर को अशुभ क्यों मानते हैं? इसके पीछे के कारणों की व्याख्या

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 23 Oct 2022 06:19 PM
13 नंबर को अशुभ क्यों मानते हैं? इसके पीछे के कारणों की व्याख्या
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कोलंबिया. क्या आपको यह अजीब लगेगा, अगर मैं महीने के 22वें दिन पड़ने वाले रविवार को यात्रा करने से मना कर दूं? तब कैसा लगेगा जब मैं ऊंची इमारत में रहने वाले अपने साथियों से 22वीं मंजिल छोड़कर 21वीं मंजिल से सीधा 23वीं मंजिल पर जाने को कहूं.
22 से डरना बहुत ही असामान्य है – इसलिए, हां, मैं थोड़ा अजीब नजर आ सकता हूं. लेकिन, क्या होगा अगर, सिर्फ मेरे देश में ही चार करोड़ से अधिक लोगों ने एक ऐसी आधारहीन धारणा पाल रखी हो? बहुत सारे अमेरिकी मानते हैं कि उन्हें ऊंची इमारत वाले होटलों में एक विशेष मंजिल संख्या ‘13’ पर ठहरना परेशान करने वाला हो सकता है.

ओटिस एलिवेटर कंपनी के अनुसार, ‘13’ की संख्या वाली कई इमारतों में लिफ्ट सीधा 14वें माले पर रुकती है. कई पश्चिमी लोग 13 तारीख को पड़ने वाले शुक्रवार को अपने व्यवहार में बदलाव करते हैं. बेशक उस तारीख को कभी-कभी बुरी चीजें होती हैं, लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ऐसा अमूमन होता है. सामाजिक मनोविज्ञान और समूह प्रक्रियाओं में विशेषज्ञता रखने वाले समाजशास्त्री के रूप में, मुझे व्यक्तिगत भय और जुनून में इतनी दिलचस्पी नहीं है.

जो बात मुझे आर्किषत करती है वह यह है कि लाखों लोग एक ही गलत धारणा को इस हद तक स्वीकार करते हैं कि यह व्यापक पैमाने पर व्यवहार को प्रभावित करता है. कुछ ऐसी ही है ‘13’ की शक्ति.

अंधविश्वास की उत्पत्ति
13 की खराब प्रतिष्ठा की उत्पत्ति अस्पष्ट और अनुमानों से भरी है. इसकी ऐतिहासिक व्याख्या उतनी ही सरल हो सकती है, जितना कि इसके उलट ‘12’ का संयोग से भाग्यशाली होने की धारणा से जुड़ा होना. असाधारण गतिविधियों की निगरानी रखने वाले जो. निकेल एक गैर-लाभकारी संस्था ‘कमेटी फोर स्केपटिकल इंक्वायरी’ के लिए असाधारण दावों की पड़ताल करते हैं. ये संस्था वैज्ञानिक रूप से विवादास्पद और असाधारण दावों की तह में जाने का प्रयास करती है.

निकेल बताते हैं कि 12 अंक अक्सर ‘‘पूर्णता’’ का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे वर्ष में महीनों की संख्या, राशि चक्र के संकेत और यीशु की प्रेरणाएं. वहीं, अच्छाई और पूर्णता की यह भावना 13 के साथ विरोधाभासी है. 13 नंबर का संबंध कुछ प्रसिद्ध लेकिन अवांछित आगंतुकों से हो सकता है. नॉर्स पौराणिक कथाओं में, भगवान लोकी का वलहाला में एक दावत में आने का स्थान 13वां था, जहां उन्होंने भगवान बालडूर को मारने के लिए एक अन्य सहायक को धोखा दिया था.

ईसाई धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, जुडास – जिसने यीशु को धोखा दिया – रात के भोज में 13वां अतिथि था. लेकिन, सच तो यह है कि सामाजिक-सांस्कृतिक प्रक्रियाएं दुर्भाग्य को किसी भी संख्या से जोड़ सकती हैं. जापान में ‘9’ नंबर को अशुभ माना जाता है, शायद इसलिए क्योंकि यह जापानी शब्द ‘‘पीड़ा’’ के उच्चारण के समान लगता है. उधर, इटली में लोगों को ‘17’ अशुभ जान पड़ता है. चीन में लोगों को ‘4’ नंबर ‘मृत्यु’ की तरह लगता है और चीनी पश्चिमी संस्कृति में ‘13’ की तुलना में रोजमर्रा की ंिजदगी में अधिकतर ‘4’ से बचते हैं.

दूसरी तरह से देखें तो चीन में ‘666’ को भाग्यशाली माना जाता है जबकि दुनिया भर के कई ईसाई इसे बाइबिल में र्विणत एक दुष्ट जानवर के साथ जोड़ते हैं. सामाजिक और मनोवैज्ञानिक व्याख्या कई प्रकार के विशिष्ट भय होते हैं और लोग उन्हें विभिन्न मनोवैज्ञानिक कारणों से मानते हैं. वे प्रत्यक्ष नकारात्मक अनुभवों के कारण उत्पन्न हुए हो सकते हैं. कई लोग अंकों के अशुभ होने की धारणा और सुनी-सुनाई बातों के साथ बड़े होते हैं. रोजमर्रा की जिदगी में, 13 नंबर से अधिक 12 नंबर की चीजों से सामना होता है. कोई 13वां महीना नहीं है, 13-इंच का मापक नहीं है और ना ही 13 बजते हैं.

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