तलाक याचिका लंबित रहने के दौरान पत्नी ससुराल जैसी सुविधाएं पाने की हकदार: न्यायालय

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 20 Nov 2024 09:17 PM
तलाक याचिका लंबित रहने के दौरान पत्नी ससुराल जैसी सुविधाएं पाने की हकदार: न्यायालय

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नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि तलाक की याचिका लंबित रहने के दौरान पत्नी को उसी तरह की सुविधाएं पाने का अधिकार है जो उसे ससुराल में मिलतीं. न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति पी बी वराले की पीठ ने केरल के एक हृदयरोग विशेषज्ञ से अलग रह रहीं उनकी पत्नी को दिए जाने वाले अंतरिम गुजारा भत्ता को बढ़ाकर 1.75 लाख रुपये प्रति महीने कर दिया. उच्च न्यायालय ने अंतरिम गुजारा भत्ता कम कर दिया था.

कुटुम्ब अदालत ने चिकित्सक की पत्नी को 1.75 लाख रुपये अंतरिम गुजारा भत्ता दिए जाने का आदेश दिया था, वहीं मद्रास उच्च न्यायालय ने इस राशि को घटाकर 80,000 रुपये प्रति माह कर दिया था. पीठ ने कहा, ”उच्च न्यायालय ने प्रतिवादी (पति) की आय के संबंध में कुछ पहलुओं की अनदेखी की है जिस पर कुटुम्ब अदालत ने विचार किया था. यह भी संज्ञान में है कि अपीलकर्ता कामकाजी नहीं हैं और उन्होंने शादी के बाद अपनी नौकरी छोड़ दी थी.”

उसने कहा, ”अपीलकर्ता अपनी ससुराल में कुछ खास सुविधाओं की अभ्यस्त हो गई थी और इसलिए, तलाक याचिका के लंबित रहने के दौरान, वह उन्हीं सुविधाओं को पाने की हकदार है, जिनकी वह अपनी ससुराल में हकदार होती.” पीठ ने कहा कि पति द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज और इस संबंध में दोनों पक्षों द्वारा पेश साक्ष्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि वह हृदयरोग के जानेमाने विशेषज्ञ हैं और उनके पास बहुत सारी मूल्यवान संपत्तियां हैं तथा वह अपने पिता के एकमात्र कानूनी उत्तराधिकारी हैं जिनका निधन हो चुका है. पीठ ने कहा, ”उनकी मां की उम्र 93 वर्ष है. वह अपनी मां और अपनी सभी संपत्तियों से आय अर्जित कर रहे हैं और उनके पास एक स्कूल का भी स्वामित्व है. बताया जा रहा है कि यह नुकसान में है, लेकिन प्रतिवादी ने इस संबंध में कोई सबूत पेश नहीं किया.”

By Yogesh Kumar Sahu