
सिलचर/कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पूरे देश को ”डिटेंशन कैंप” बनाने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि अगर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ सत्ता में आता है तो संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को खत्म कर दिया जाएगा.
असम में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चार उम्मीदवारों के समर्थन में यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटते हैं तो देश में ”लोकतंत्र नहीं बचेगा और चुनाव नहीं होंगे.” बनर्जी ने आरोप लगाया, ”उन्होंने (भाजपा) पूरे देश को डिटेंशन कैंप बना दिया है…मैंने अपने जीवन में इतना खतरनाक चुनाव कभी नहीं देखा.” मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी टीएमसी सभी धर्मों से प्यार करती है और नहीं चाहती कि धार्मिक आधार पर लोगों के बीच भेदभाव हो.
बनर्जी ने रैली में कहा, ”अगर ‘इंडिया’ गठबंधन जीतता है, तो एनआरसी, सीएए और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू नहीं होगी. हम सभी भेदभावपूर्ण कानूनों को रद्द कर देंगे.” उन्होंने लोगों से लोकसभा चुनाव में असम में टीएमसी के सभी चार उम्मीदवारों के लिए वोट करने की अपील की और घोषणा की कि उनकी पार्टी 2026 के राज्य विधानसभा चुनाव में सभी 126 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बनर्जी ने कहा, ”यह सिर्फ एक ट्रेलर है…फाइनल अभी बाकी है. मैं फिर आऊंगी.”
तृणमूल कांग्रेस के घोषणापत्र में कई कल्याणकारी कदमों, सीएए निरस्त करने का वादा
तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए बुधवार को अपना घोषणापत्र जारी किया जिसमें केंद्र की सत्ता में आने पर कई सामाजिक कल्याणकारी कदमों के साथ ही नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को रद्द करने का वादा किया गया है. राज्यसभा में तृणमूल के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने यहां पार्टी मुख्यालय में घोषणापत्र जारी करते हुए कहा, “ये वे वादे हैं जिन्हें हम ‘इंडिया’ समूह के हिस्से के तौर पर पूरा करेंगे, जब समूह की अगली सरकार बनेगी.”
पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित मित्रा ने कहा, “हम मूल्य स्थिरीकरण कोष की स्थापना के जरिए पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने का वादा करते हैं. हम नागरिकता संशोधन अधिनियम को रद्द करने और देश में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) कवायद को रोकने का भी वादा करते हैं.” पार्टी ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों के लिए घर पर राशन और 10 मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का भी वादा किया. पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के साथ सीट- बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बनने के बाद तृणमूल जनवरी में ‘इंडिया’ गठबंधन से बाहर हो गई थी. हालांकि ममता बनर्जी नीत पार्टी ने कहा था कि वह राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया’ समूह का हिस्सा बनी रहेगी.



