सही लड़की मिलने पर शादी करूंगा, माता-पिता की वजह से अपेक्षाएं ‘बहुत ज्यादा’ : राहुल गांधी

नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वह सही लड़की मिलने पर शादी करेंगे और चूंकि, उनके माता-पिता की ‘शादीशुदा ंिजदगी बेहद खुशहाल थी’, इसलिए अपनी जीवनसंगिनी को लेकर उनकी अपेक्षाएं काफी ज्यादा हैं. यू-ट्यूब पर फूड एवं ट्रेवल मंच ‘कर्ली टेल्स’ के साथ हल्की-फुल्की बातचीत में राहुल (52) ने राजनीति से इतर कई विषयों पर चर्चा की, जिनमें उनके बचपन की यादों से लेकर पसंदीदा व्यंजन और व्यायाम से लगाव तक शामिल है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उन्हें शादी करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अपने पिता राजीव गांधी और मां सोनिया गांधी की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मेरे माता-पिता की शादीशुदा ंिजदगी बेहद खुशहाल थी और वे एक-दूसरे से बेइंतेहां प्यार करते थे, इसलिए मेरी अपेक्षाएं बहुत ज्यादा हैं.’’

राहुल ने कहा, ‘‘सही लड़की मिलने पर मैं शादी कर लूंगा. मेरा मतलब है कि जब वो मिलेगी, तो अच्छा रहेगा.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या अपनी जीवनसंगिनी में वांछित खूबियों को लेकर उन्होंने कोई सूची बना रखी है, राहुल ने कहा, ‘‘नहीं. मुझे केवल एक प्रेम करने वाली लड़की चाहिए, जो समझदार भी हो.’’ ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के राजस्थान चरण में राहुल के कंटेनर के बाहर ‘डिनर’ के दौरान हुई इस बातचीत का वीडियो कांग्रेस ने रविवार को ट्विटर पर साझा किया.

वीडियो में राहुल यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि वह खाने में ज्यादा मीन-मेख नहीं निकालते और जो कुछ भी उपलब्ध रहता है, खा लेते हैं, लेकिन उन्हें ‘मटर और कटहल’ पसंद नहीं है. सितंबर 2022 में तमिलनाडु के कन्याकुमारी से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू करने वाले राहुल फिलहाल जम्मू-कश्मीर में हैं. बातचीत में उन्होंने कहा कि घर पर वह अपने खानपान को लेकर ‘बहुत सख्त’ हैं, लेकिन ‘‘यात्रा के दौरान उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं.’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि तेलंगाना का भोजन उनके हिसाब से ‘थोड़ा तीखा और चटपटा है.’ उन्होंने कहा, ‘‘वहां के खाने में मिर्च थोड़ी ज्यादा रहती थी. मैं इतनी ज्यादा मिर्च नहीं खाता.’’ यह पूछे जाने पर कि उनके घर पर कैसा खाना बनता है, राहुल ने बताया कि दिन में ‘‘देसी खाना’’ बनता है और रात में कोई कॉन्टिनेंटल (यूरोपीय देशों का)व्यंजन. उन्होंने कहा कि वह संयमित आहार लेते हैं और मीठा खाने से परहेज करते हैं.

राहुल ने बताया कि वह ‘मांसाहार के शौकीन हैं’ और उन्हें चिकन, मटन और समुद्री आहार, सब पसंद है. पसंदीदा व्यंजन के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें चिकन टिक्का, सीख कबाब और ऑमलेट खाना अच्छा लगता है. उन्होंने यह भी बताया कि वह सुबह एक कप कॉफी पीना पसंद करते हैं.

राष्ट्रीय राजधानी में खाने के अपने पसंदीदा जगहों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि पहले वह पुरानी दिल्ली जाया करते थे, लेकिन अब उन्हें मोती महल, सागर, स्वागत और सरवण भवन का खाना पसंद है. मोती महल में मुगलई व्यंजन परोसा जाता है, जबकि सागर, स्वागत और सरवण भवन अपने दक्षिण भारतीय व्यंजनों के लिए जाने जाते हैं.

राहुल ने कहा कि वह एक कश्मीरी पंडित परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जो उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में बस गया था.
अपने दादा फिरोज खान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मेरे दादा एक पारसी थे. इसलिए मैं पूरी तरह से मिश्रित (नस्ल का) हूं.’’ राहुल ने कहा कि उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनकी पढ़ाई-लिखाई घर पर ही हुई. उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उनके पिता राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने थे.

उन्होंने उस समय को करते हुए कहा, ‘‘यह वाकई में सदमे जैसे था. सुरक्षार्किमयों ने कहा कि हम स्कूल नहीं जा सकते. मैं एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई कर रहा था, लेकिन दादी की हत्या से पहले उन्होंने हमें वहां से निकाल लिया था. जब दादी की हत्या हो गई, तब उन्होंने हमें वापस नहीं जाने दिया.’’ राहुल ने कहा कि स्कूल में कुछ शिक्षक उनसे बहुत अच्छी तरह से पेश आते थे, लेकिन कुछ उनके परिवार की गरीब-हितैषी राजनीति के कारण उनके साथ रूखा व्यवहार करते थे.

राहुल से उनकी उच्च शिक्षा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक साल सेंट स्टीफन में था और मैंने वहां इतिहास की पढ़ाई की. इसके बाद मैं हार्वर्ड विश्वविद्यालय चला गया, जहां मैंने अंतरराष्ट्रीय संबंध और राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की.’’ कांग्रेस नेता ने बताया कि मई 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा संबंधी ंिचताएं पैदा हो गईं. राहुल ने कहा कि उन्हें फ्लोरिडा के रोंिलस कॉलेज भेज दिया गया, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंध और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की. उन्होंने बताया कि उनके पास ब्रिटेन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से ‘डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स’ में ‘मास्टर्स डिग्री’ भी है.

अपनी पहली नौकरी के बारे में राहुल ने बताया कि उन्होंने लंदन की रणनीतिक सलाहकार फर्म ‘मॉनिटर कंपनी’ में सेवा दी और तब वह 24-25 साल के रहे होंगे. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें पहली तनख्वाह के रूप में ढाई से तीन हजार पाउंड का चेक मिला था. राहुल ने कहा कि अगर वह प्रधानमंत्री बनेंगे, तो तीन चीजें करेंगे, पहली-शिक्षा प्रणाली में बदलाव, दूसरी-लघु एवं मध्यम उद्यमों की सहायता और तीसरी-मुश्किल दौर से गुजर रहे लोगों, जैसे कि किसानों और बेरोजगार नौजवानों की मदद. कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का मकसद भारत में फैल रही नफरत, गुस्सा और हिंसा का मुकाबला करना है.

उन्होंने कहा, ‘‘तपस्या हमारी संस्कृति का एक अहम हिस्सा है, ताकि हम खुद को और दूसरों को समझ सकें… इस यात्रा का एक मकसद यह भी है.’’ अपनी पदयात्रा का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा, ‘‘मैं अकेला नहीं हूं. मेरे साथ कई अन्य लोग भी यह तपस्या कर रहे हैं. यहां बहुत सारे तपस्वी हैं, अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं और साथ चल रहे हैं.’’ फिटनेस के लिए सुर्खियां बटोर रहे राहुल ने स्कूबा डाइंिवग, फ्री डाइंिवग, साइंिक्लग, बैकपैंिकग (अकेले घूमने की आदत) और मार्शल आर्ट एकिदो में अपनी दिलचस्पी के बारे में भी बात की.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कॉलेज में मुक्केबाजी करता था. मैंने हमेशा कोई न कोई व्यायाम किया है. मार्शल आर्ट बहुत सुविधाजनक हैं; वे हिंसक होना नहीं सिखाते, बल्कि इसके बिल्कुल विपरीत हैं. लेकिन मार्शल आर्ट की गलत व्याख्या की जाती है कि लोगों को नुकसान पहुंचाओ, उन पर हमला करो. लेकिन अगर आप इसके उद्देश्य को अच्छी तरह से समझेंगे तो ये आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होंगे.’’ राहुल ने बताया कि वह यात्रा के दौरान रोजाना मार्शल आर्ट की एक ‘क्लास’ लेते हैं. सोते समय सिरहाने रखी चीजों के बारे में पूछे जाने पर राहुल ने कहा कि उनके बेड की दराज में रुद्राक्ष, शिव सहित अन्य देवी-देवताओं के चित्र और उनका बटुआ होता है.

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