सात साल बाद भी जख्म नहीं भरे, राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अधूरा: उमर अब्दुल्ला

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Wed, 05 Aug 2026 02:57 PM
सात साल बाद भी जख्म नहीं भरे, राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अधूरा: उमर अब्दुल्ला
ऑडियो सुनें

जम्मू/श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि अनुच्छेद 370 निरस्त किए जाने के सात वर्ष बाद भी लोगों के ”जख्म” नहीं भरे हैं और केंद्र सरकार द्वारा इस केंद्र शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है। अब्दुल्ला ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि राज्य का दर्जा बहाल होने से उनकी कम-से-कम कुछ शिकायतों और पीड़ाओं का अंत होगा।

पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ”हमारे जख्म अभी तक नहीं भरे हैं। हमें उम्मीद थी कि हमारी कुछ पीड़ा कम होगी और राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा पूरा किया जाएगा। लेकिन आज पांच अगस्त 2019 को सात वर्ष पूरे हो गए हैं और वह वादा अब भी अधूरा है।” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त कर तत्कालीन जम्मू कश्मीर राज्य का विशेष संवैधानिक दर्जा समाप्त कर दिया था और उसका पुनर्गठन करते हुए उसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नामक दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किया गया वादा अभी तक पूरा नहीं किया गया है और उनकी सरकार इस मुद्दे पर अपने रुख पर कायम है। उन्होंने कहा, ”जैसा कि हमने विधानसभा में प्रस्ताव पारित करते समय कहा था, हम अपने रुख पर दृढ़ हैं और हम अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ न्याय की मांग जारी रखेंगे।” इससे पहले अब्दुल्ला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भी केंद्र के फैसलों को पलटने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मौजूदा परिस्थितियों को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने लिखा, ”सात साल बीत गए, लेकिन हम न तो भूले हैं, न ही इन परिस्थितियों से समझौता किया है और न ही इन्हें स्वीकार किया है। मेरी पार्टी और मैं जम्मू कश्मीर से हमारे अधिकार छीनने वाले तथा हमारी पहचान को खतरे में डालने वाले सभी फैसलों को पलटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

उन्होंने अपनी पोस्ट का समापन अमेरिकी कवि रॉबर्ट फ्रॉस्ट की प्रसिद्ध कविता ‘स्टॉंिपग बाय वुड्स आॅन ए स्रोई इवंिनग’ की इन पंक्तियों से किया: ”ये जंगल सुंदर, घने और गहरे हैं, लेकिन मुझे अपने वादे निभाने हैं और सोने से पहले अभी मीलों का सफर तय करना है…।” इस अवसर पर सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में श्रीनगर और जम्मू सहित जम्मू कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किए और तत्कालीन राज्य का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग उठाई।

मंत्री सकीना इटू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नेकां नेता, विधायक और कार्यकर्ता श्रीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय ‘नवा-ए-सुबह’ में एकत्र हुए और वहां से विरोध मार्च निकाला। राज्य का दर्जा और अनुच्छेद 370 बहाल करने के समर्थन में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने पार्टी कार्यालय परिसर से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसी तरह के विरोध प्रदर्शन जम्मू तथा क्षेत्र के अन्य जिला मुख्यालयों में भी आयोजित किए गए।

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Nandkishoryadav