WFI विवाद: कुश्ती महासंघ को भंग किया जाए, प्रधानमंत्री जवाब दें : सुप्रिया श्रीनेत

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच कांग्रेस ने शुक्रवार को मांग की कि डब्ल्यूएफआई को भंग किया जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने क्या कार्रवाई की, जब 2021 में एक पहलवान ने कथित तौर पर उनके समक्ष मुद्दे उठाए थे.

ओलंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता चक्का फेंक खिलाड़ी कृष्णा पूनिया के साथ कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह ‘‘शर्मनाक’’ है कि 72 घंटे बाद भी सिंह ने इस्तीफा नहीं दिया और सरकार ‘‘स्पष्ट रूप से मौन’’ धारण किए हुए है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पहली और प्रमुख मांग यह है कि महासंघ को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए.

श्रीनेत ने यहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ब्रज भूषण सिंह को कल ही इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन जनहित में सबसे बड़ी मांग हम यह उठाते हैं कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल दिए जाने की आवश्यकता है.’’ उन्होंने कहा कि भारत के कुछ पदक विजेता एथलीट हैं, जो खुलकर सामने आए हैं और यौन उत्पीड़न के बारे में बात की है.

श्रीनेत ने कहा, ‘‘देश के सामने आज सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब श्रीमान मोदी को अक्टूबर 2021 में पता चला था कि भारतीय कुश्ती महासंघ में क्या चल रहा है तथा विनेश फोगाट ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री को जानकारी दी थी तो उन्होंने क्या किया, उन्होंने जांच क्यों नहीं करायी?’’

उन्होंने कहा, ‘‘क्या कोई अंतर-विभागीय जांच की गयी, क्या श्री ब्रज भूषण सिंह को बुलाया गया, उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया, आज कई सवाल हैं और हमारी प्रमुख मांग यही है. देश सच जानना चाहता है.’’ राजस्थान से कांग्रेस विधायक पूनिया ने कहा कि महिला एथलीट के लिए पहले से ही बहुत मुश्किलें हैं तथा ऐसे मामलों के सामने आने के साथ ही उनकी मुश्किलें और बढ़ने जा रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं से जुड़ी घटनाएं लगातार सामने आने के कारण भाजपा ने ‘बेटी बचाओ’ नारे की धज्जियां उड़ा दी हैं.

विजेंदर सिंह ने कहा कि वह पहलवानों के प्रति एकजुटता जताने गए थे तथा मामले में फौरन सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान नेताओं को खेल प्रशासन से दूर रखने का विधेयक लाने में नाकाम रहने तथा क्या भाजपा को अब ऐसा करना चाहिए, इस बारे में पूछने पर श्रीनेत ने कहा, ‘‘हम अपना समर्थन देने के लिए तैयार हैं और आपका यह कहना सही है कि तब राजनीतिक सहमति नहीं बन सकी थी.’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘आपके (भाजपा) पास बहुमत है…कई खेल संघ हैं, जहां भाजपा नेताओं ने कब्जा जमा लिया है, एक विधेयक लाकर इस पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन यह एक अलग मुद्दा है. जितना कम राजनीतिक हस्तक्षेप होगा, उतना ही बेहतर होगा.’’ गौरतलब है कि जानी-मानी पहलवान विनेश फोगाट ने एक चौंकाने वाले खुलासे में बुधवार को रोते हुए आरोप लगाया कि डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह कई वर्षों से महिला पहलवानों का यौन शोषण कर रहे हैं, लेकिन इस खेल के प्रशासक और भाजपा सांसद ने इन आरोपों को खारिज किया.

विनेश ने दावा किया था कि उन्हें डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के इशारे पर उनके करीबी अधिकारियों से जान से मारने की धमकी मिली थी, क्योंकि उन्होंने तोक्यो ओलंपिक खेलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उनका ध्यान इन मुद्दों की ओर आर्किषत करने की हिम्मत दिखायी थी.
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कुश्ती महासंघ प्रमुख को इस्तीफा देने को क्यों नहीं कहा गया, डीसीडब्ल्यू प्रमुख ने पूछा नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) प्रमुख स्वाति मालीवाल ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष को महिला पहलवानों द्वारा लगाये यौन उत्पीड़न के आरोपों के बावजूद इस्तीफा देने को क्यों नहीं कहा गया है? भारत के शीर्ष पहलवान डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पिछले दो दिन से यहां जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं जिसमें ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया और साक्षी मलिका और विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट शामिल हैं. पहलवानों ने बृजभूषण शरण के खिलाफ यौन उत्पीड़न और धमकाने का आरोप लगाया है.
मालीवाल ने हिंदी में ट्वीट में पूछा, ‘‘पहलवानों के धरने को 72 घंटे हो चुके हैं. अभी तक डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष का इस्तीफा क्यों नहीं मांगा गया है? क्यों यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिये प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही? क्यों खेल मंत्री खिलाड़ियों का धरना नहीं खत्म करवा रहे? कब तक ऐसे देश का गौरव सड़कों पर बैठेगा? ’’

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