छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और असम के कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने आज असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा को चेताया कि हमारे पास भी कांग्रेस कार्यकर्ता हैं..ध्यान रहे आप भी दूसरे प्रदेश जाते हैं। उन्होंने कहा कि मुझ पर गौरव गोगोई पर कुछ दिनों पहले जो हमला हुआ था, उसमें वे हमें डराना चाहते थे लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता किसी से नही डरते।
श्री बघेल ने आगे कहा कि “आप कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराना चाहते थे कि भूपेश बघेल और गौरव गोगोई पर भी हमला हो सकता है लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। मैं हिमंता बिस्वा सरमा से कहना चाहता हूं कि आप भी दूसरे प्रदेश जाते हैं, आप पर कुछ नहीं हुआ। क्या हमारे पास कार्यकर्ता नहीं हैं? हमें काले झंडे दिखाने का औचित्य क्या है? पथराव क्यों कर रहे थे? हम डरने वाले नहीं हैं। आपकी तरह बुजदिल नही हैं।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने आगे कहा, “लगातार चुनाव आयोग पर उंगली उठ रही थी। पूरी दुनिया में चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा थी लेकिन इन्होंने अपनी हरकतों के कारण अपनी पूरी छवि धूमिल कर ली है। राहुल गांधी लगातार इस बात को उठा रहे हैं… जहां-जहां चुनाव ज्ञानेश कुमार ने कराया है वहां चुनाव बर्खास्त होना चाहिए और एक बार फिर चुनाव होना चाहिए।”
राहुल गांधी जी लगातार कहते रहे हैं कि SIR में गड़बड़ी हुई है और वोट की चोरी हो रही है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसके प्रमाण भी देश के सामने रखे हैं। कल प्रमुखता से बताया कि SIR के दौरान नियमों में बदलाव किए गए। सवाल यह है कि जब चुनाव आयोग तीनों आयुक्तों से मिलकर बनता है, तो ऐसे महत्वपूर्ण फैसले किस प्रक्रिया के तहत लिए गए?
उन्होंने कहा कि लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए। इतना ही नहीं, दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा 10 महीने में 14 बार मुख्य चुनाव आयुक्त और कैबिनेट सचिव को भी पत्र भेजे जाने से मामला और गंभीर हो जाता है।
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और असम तक चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।