या तो ’72 हूरें’ को दिया राष्ट्रीय पुरस्कार गलत है या फिर सेंसर बोर्ड का इनकार : अशोक पंडित

मुंबई. फिल्म ”72 हूरें” के सह-निर्माता अशोक पंडित ने बुधवार को कहा कि प्राधिकारी यह तय करें कि राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता उनकी फिल्म के ट्रेलर को सेंसर बोर्ड द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाना चाहिए या नहीं. पंडित ने मंगलवार को दावा किया था कि सेंसर बोर्ड ने सात जुलाई को रिलीज होने वाले फिल्म के ट्रेलर को प्रमाण पत्र प्रदान करने से इनकार कर दिया है. संजय पूरन सिंह के निर्देशन में बनी फिल्म में पवन मल्होत्रा और आमिर बशीर ने मुख्य भूमिका निभाई है और यह हिंसक चरमपंथ के परिणामों पर आधारित है.

गोवा में 2019 में आईएफएफआई की भारतीय पैनोरमा श्रेणी के तहत “72 हूरें” का प्रीमियर किया गया था, जहां इसे ‘आईसीएफटी-यूनेस्को गांधी मेडल स्पेशल मेंशन’ प्राप्त हुआ था. 2021 में, चौहान को फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था.
पंडित ने यहां फिल्म के ट्रेलर को रिलीज किए जाने के मौके पर पत्रकारों से कहा, ”फिल्म को सरकार से राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, जिसे इफ्फी ने भी पुरस्कार दिया है, जिसकी सरकार ने काफी तारीफ की है. आपने एक प्रोड्यूसर, एक निर्देशक को झूठी उम्मीद दी है….”

उन्होंने कहा, ”उस फिल्म से ही हमने ट्रेलर बनाया है. इसलिए या तो राष्ट्रीय पुरस्कार गलत है या सेंसर प्रमाणपत्र न दिया जाना गलत है.” फिल्म के प्रोड्यूसरों में से एक गुलाब सिंह तंवर ने कहा कि ”72 हूरें” जैसी फिल्में समाज को आईना दिखाती हैं. सारथी एंटरटेनमेंट और एलियन्स पिक्चर्स के प्रोडक्शन वाली ”72 हूरें” की पटकथा अनिल पांडे तथा जुनैद वासी ने लिखी है.

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