गाजा में इजराइली हमले में 17 लोगों की मौत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 25 Sep 2025 09:32 PM
गाजा में इजराइली हमले में 17 लोगों की मौत
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दीर अल-बलाह/संयुक्त राष्ट्र,. गाजा पट्टी में इजराइली हमले में बृहस्पतिवार को कम से कम 17 लोगों की जान चली गई. स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी. दीर अल-बलाह स्थित अल-अक्सा शहीद अस्पताल के मुताबिक, मध्य शहर ज.वैदा में हुए एक इज.राइली हमले में 12 लोग मारे गए. इस हमले में एक तंबू और एक घर को नुकसान पहुंचा. अस्पताल ने बताया कि पीड़ितों में आठ बच्चे भी शामिल हैं. परिवार के सदस्यों ने बताया कि एक और लड़की अब भी मलबे में दबी हुई है.

अस्पताल ने कहा कि दीर अल-बलाह में एक तंबू पर हुए हवाई हमले में एक और लड़की मारी गई तथा सात लोग घायल हो गए.
वहीं, खान यूनिस शहर पर भी इजराइल ने हमला किया है. नासेर अस्पताल के मुताबिक, इस हमले में एक इमारत को निशाना बनाया गया जिसमें चार लोगों की मौत हो गई. इस बीच संघर्ष विराम को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार ब­ढ़ रहा है.

अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उनके देश ने इस विश्वास के साथ फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दी है कि यह “हमास को अलग-थलग करने का एकमात्र तरीका है”, जो अपने कई नेताओं के मारे जाने के बाद भी खुद को पुनर्जीवित करने में कामयाब रहा है.

उन्होंने बुधवार को कहा, “गाज.ा में चल रहे पूर्ण युद्ध से नागरिक हताहत हो रहे हैं, लेकिन इससे हमास का अंत नहीं हो सकता. वास्तव में, यह एक विफलता है.” मैक्रों ने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इजराइल पर फिर से युद्ध विराम की खातिर दबाव डालने के लिए समझा रहे हैं, और उनसे कह रहे हैं कि “आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है – आप शांति के समर्थक हैं, आप विश्व में शांति लाना चाहते हैं.” इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने वाले नेताओं की निंदा की.

नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को इस विचार की कड़ी आलोचना की और उसके बाद स्वयं न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो गए, जहां उन्हें शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करना है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, “संयुक्त राष्ट्र महासभा में मैं सच बोलूंगा. मैं उन नेताओं की निंदा करूंगा जो हत्यारों, बलात्कारियों, बच्चों को जलाने वालों की निंदा करने के बजाय, उन्हें इज.राइल की धरती के बीचों-बीच एक राष्ट्र देना चाहते हैं. ऐसा नहीं होगा.”

युद्ध के बाद गाजा पर शासन करने में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी:फलस्तीनी राष्ट्रपति

अमेरिका द्वारा वीज़ा रद्द किए जाने के बाद फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने बृहस्पतिवार को वीडियो के जरिए विश्व नेताओं से कहा कि उनके लोग 2023 में इजराइल पर हमास के हमले को “अस्वीकार” करते हैं और युद्ध समाप्त होने के बाद चरमपंथी समूह की गाजा पर शासन करने में कोई भूमिका नहीं होगी और उसे अपने हथियार सौंपने होंगे.

अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को बताया कि गाजा में फलस्तीनी लोग इज़राइल द्वारा “नरसंहार, विनाश, भुखमरी और विस्थापन का सामना कर रहे हैं.” उनका यह भाषण ऐसे समय में आया है जब इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शुक्रवार को न्यूयॉर्क में व्यक्तिगत रूप से अपना संबोधन देंगे.

गाजा में हुई मौतों और विनाश का खौफनाक ब्योरा देने के बावजूद, अब्बास ने कहा कि फलस्तीनी प्राधिकारी सात अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा की गई कार्रवाई को “अस्वीकार” करता है और यह उनके लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है. उन्होंने जंग खत्म होने के बाद क्षेत्रों में सरकार को लेकर नजरिया भी पेश किया और कहा कि फलस्तीनी प्राधिकरण “शासन और सुरक्षा के लिए पूरी जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार है.” अब्बास ने कहा, “हमास की शासन में कोई भूमिका नहीं होगी,” और उसे फलस्तीनी अधिकारियों को अपने हथियार सौंपने होंगे.

अब्बास ने कहा, “अगर फलस्तीन को आजाद नहीं किया गया तो इंसाफ नहीं हो सकता.” छोटे मगर दमदार भाषण में, अब्बास ने गाजा युद्ध के दौरान फलस्तीनियों के लिए खड़े रहने वाले विश्व नेताओं को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि फलस्तीनी राष्ट्र को हाल में मिली मान्यता से उनके लोगों की यह उम्मीद बढ.ी है कि संघर्ष का अंत होगा. उन्होंने फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा द्वारा फलस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की हालिया घोषणाओं का स्वागत किया और बाकी बचे कुछ देशों से भी ऐसा करने का आ”ान किया. राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि केवल प्रतीकात्मक मान्यता देना वर्तमान स्थिति को ठीक से संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है.

अब्बास ने कहा, “अब वक्त आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय फलस्तीनी लोगों के साथ सही व्यवहार करे, ताकि वे अपने वैध अधिकारों को प्राप्त कर सकें, कब्जे से मुक्ति पा सकें और इजराइली राजनीति के मिजाज के बंधक न बने रहें, जो हमारे अधिकारों से इनकार करती है और अपने अन्याय, उत्पीड़न और आक्रामकता को जारी रखती है.” अंत में उन्होंने फलस्तीनी लोगों को आशा का संदेश देते हुए कहा कि चाहे पीड़ा कितनी भी लंबी चले, “इसके नतीजे जीने और अस्तित्व में रहने की हमारी इच्छा को तोड़ नहीं पाएंगे.” राष्ट्रपति ने कहा, “आज़ादी का नया सवेरा आएगा, और फलस्तीन का झंडा हमारे आसमानों में गर्व से लहरागा, जो गरिमा, स्थिरता और कब्जे से मुक्त होने का प्रतीक होगा.” उन्होंने कहा, “हम अपनी मातृभूमि नहीं छोड़ेंगे. हम अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे.”

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