भाजपा को चुकानी होगी किसान व आम आदमी की सरकार से अप्रसन्नता की कीमत : शरद पवार

मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और बेरोजगारी के कारण किसान तथा आम लोग खुश नहीं हैं, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय जनता पार्टी को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. महाराष्ट्र के नासिक में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में लोगों का झुकाव महा विकास अघाडी (एमवीए) गठबंधन के प्रति अधिक दिखाई दे रहा है.

उन्होंने कहा, “किसान वर्तमान शासकों से नाखुश हैं. नासिक, धुले, पुणे और सतारा में प्याज किसानों में नाखुशी है. केंद्र की गन्ना और इथेनॉल नीति से किसान नाखुश हैं. वे अन्य कृषि उपज की कीमतों से नाखुश हैं. बेरोजगारी के कारण भी लोग दुखी हैं. सत्ताधारी दल को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.”

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “विभिन्न दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ.ती कीमतें, प्याज, इथेनॉल और चीनी उद्योग से संबंधित मनमानी नीतियों ने राज्य में कृषक समुदाय को परेशान कर दिया है. आगामी संसदीय चुनाव में सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.” राकांपा (शरदचंद्र पवार) प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया, “केंद्र सरकार के पास लोगों को अपने प्रदर्शन के रूप में दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है. इसलिए, वह हम पर हमला करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है.”

उन्होंने आरोप लगाया, “ईडी का इस्तेमाल केवल (भाजपा के) विरोधियों के खिलाफ किया जा रहा है. हालांकि ईडी द्वारा लोगों के खिलाफ आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन सजा की दर बहुत कम है. 2014 में केंद्र में मोदी सरकार सत्ता में आई. उसके बाद से ईडी ने 121 लोगों के खिलाफ जांच की. इनमें से 115 विपक्षी दलों से हैं. इनमें बीजेपी का एक भी नेता शामिल नहीं है.”

उन्होंने आरोप लगाया, “हसन मुश्रीफ, प्रताप सरनाईक, यामिनी जाधव जैसे नेताओं पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, लेकिन सत्ता पक्ष में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. संप्रग शासन के दौरान भी ईडी ने लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन उनमें से केवल तीन भाजपा नेता थे. हमने सत्ता का दुरुपयोग नहीं किया.” पवार बृहस्पतिवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में भाग लेने वाले हैं. यात्रा बुधवार को धुले से नासिक जिले के मालेगांव पहुंची.

लोकसभा चुनाव के लिए एमवीए में सीट बंटवारे को लेकर वार्ता पर, पवार ने कहा, “चुनाव कार्यक्रम संभवत? अगले 3-4 दिनों में घोषित किया जाएगा. एमवीए सहयोगी मिलकर चुनाव का सामना कर रहे हैं. हमने तय कर लिया है कि कौन किन सीटों पर चुनाव लड़ेगा और 3-4 सीटों पर फैसला लंबित है. प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन अघाडी (वीबीए) को कुछ सीटें देने का फैसला किया गया है. अगर वह हमारे साथ आएंगे तो हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे.” उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) नासिक लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेगी, जबकि राकांपा (शरदचंद्र पवार) डिंडोरी सीट से चुनाव लड़ेगी.

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