
कान. सिनेमा के नाम पर मेघायल में केवल दो सिनेमाघर हैं लेकिन इस छोटे से राज्य की गारो भाषा की लघु फिल्म ‘रिमडोगिट्टांगा” ने फ्रांस में इतिहास रच दिया. फिल्म निर्देशक डोमिनिक संगमा की फिल्म ‘रिमडोगिट्टांगा’ (रप्चर) फ्रांस के 33 शहरों और 36 सिनेमाघरों में रिलीज हुई, जिसमें पेरिस के तीन और नीस का एक सिनेमाघर शामिल है. फिल्म दमदार प्रदर्शन कर रही है और उसे रिलीज हुए दो सप्ताह हो गए हैं.
फिल्म निर्देशक डोमिनिक संगमा ने कहा, ”जब मुझे फ्रांस में ‘रिमडोगिट्टांगा'(रप्चर) की रिलीज की खबर मिली तो मैं बहुत खुश हुआ. किसी भी निर्देशक का सपना होता है कि उसकी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हों.” उन्होंने कहा, ”भारत में हम में से बहुत से लोग ऐसे वितरकों और बिक्री एजेंटों को ढूंढने के लिए संघर्ष कर रहे हैं जो हमारी फिल्मों को दुनिया भर में पहुंचा सकें.” संगमा ने कहा, ”हमारे देश में ऐसी कई स्वतंत्र फिल्में हैं जो सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई हैं.” संगमा सौभाग्यशाली थे.
फिल्म ‘रिमडोगिट्टांगा’ बहुत सहज फिल्म है जो बताती है कि धर्म और सामाजिक बंधन किस हद तक एक घनिष्ठ समुदाय की अच्छाई और बुराई की भावना को प्रभावित करते है. संगमा ने कहा, ”मेघालय में केवल दो सिनेमाघर हैं. एक शिलांग में और दूसरा बर्नीहाट में है.” उन्होंने बताया, ”मैं गारो हिल्स क्षेत्र से आता हूं, लेकिन वहां एक भी सिनेमाघर नहीं है. इसलिए मेरी फिल्म के मेरे राज्य में ही रिलीज होने की संभावना लगभग न के बराबर है.”



