
नयी दिल्ली: राज्यसभा का 271वां सत्र बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया और इस दौरान उच्च सदन की उत्पादकता महज 39.17 प्रतिशत रही। उच्च सदन में अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी तथा नीट प्रश्न पत्र लीक का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के हंगामे एवं नारेबाजी के कारण उच्च सदन की कार्यवाही लगातार बाधित होती रही। सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच आज तक गतिरोध दूर करने पर सहमति नहीं बन सकी।
उच्च सदन की बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले सभापति सी पी राधाकृष्णन ने अपने पारंपरिक संबोधन में बताया कि सदन में कुल 37 घंटे 49 मिनट ही कामकाज हुआ। सभापति ने सत्र के दौरान लगातार हुए हंगामे और व्यवधानों पर गहरी ंिचता जताते हुए कहा कि इसके कारण सदन का कामकाज बार-बार बाधित हुआ और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक चर्चा भी नहीं हो पाई।
उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले व्यवधानों का असर अंतत? लोगों के विश्वास और उनकी आकांक्षाओं पर पड़ता है। ”इसलिए सभी सदस्यों को संसदीय आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और इस संस्था की गरिमा तथा पवित्रता की रक्षा करने का प्रयास करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि समय के नुकसान के बावजूद सदन ने अपने मूल विधायी दायित्वों को पूरा किया। राधाकृष्णन ने यह भी कहा कि यदि सभी सदस्य सामूहिक रूप से सदन की कार्यवाही में भाग लेते, अपने महत्वपूर्ण सुझाव देते और सार्थक विचार-विमर्श में शामिल होते तो स्थिति निश्चित रूप से अलग होती।
सत्र के अंतिम दिन सभापति की अनुमति से शून्यकाल और प्रश्नकाल को स्थगित करके ‘खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा हुई। खान मंत्री जी किशन रेड्डी के जवाब के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
लोकसभा में यह विधेयक बुधवार को पारित हो चुका है।
सत्र के दौरान उच्च सदन में 12 विधेयकों पर विचार किया और उन्हें पारित या वापस किया गया। इनमें राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान या इसके गान को दंडनीय बनाने संबंधी प्रावधान वाला राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर 38 करने के प्रावधान वाला सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 तथा केरल का नाम बदलकर केरलम् करने के प्रावधान वाला ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ विधेयक शामिल हैं।
इस दौरान लंबी चर्चा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र ंिसह के जवाब के बाद सदन ने 29 जुलाई को परीक्षा में सुधार से संबंधित ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ को मंजूरी दी थी।। सत्र के दौराने 285 तारांकित प्रश्न, शून्यकाल के तहत 380 विषय और विशेष उल्लेख के जरिये 380 मुद्दे उठाने का अवसर था, लेकिन इनमें से केवल 16 प्रश्न, शून्यकाल के तहत 52 विषय और 93 विशेष उल्लेख ही सदन में लिए जा सके।
सभापति ने दोपहर बारह बजकर पांच मिनट पर उच्च सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ बजाया गया। संसद का मानसून सत्र गत 20 जुलाई को आरंभ हुआ था। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण दोनों सदनों में लगातार गतिरोध बना रहा।
सरकार ने कहा था कि वह छात्रों के विषय पर चर्चा कराने और इस पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के लिए तैयार है, हालांकि विपक्ष का कहना था कि राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी पर चर्चा, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर शाह के जवाब और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी की मांग के मुद्दे एक दूसरे से जुड़े हुए हैं तथा वह इन तीनों मांगों पर कायम है।



