
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन के मामले में स्वास्थ्य आधार पर जमानत देने का आग्रह करने वाली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका बुधवार को खारिज कर दी. विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों को न्यायिक हिरासत में केजरीवाल की चिकित्सकीय जरूरतों का ध्यान रखने का निर्देश दिया. न्यायाधीश ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 19 जून तक के लिए बढ.ा दी.
अदालत मामले में वैधानिक जमानत का आग्रह करने वाली केजरीवाल की याचिका पर सात जून को सुनवाई कर सकती है. शनिवार को सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा था कि उन्होंने पूरे लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार किया लेकिन ”अब जब उन्हें आत्मसमर्पण करना है तो वह अचानक बीमार होने का दावा कर रहे हैं.” आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने रविवार को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया क्योंकि उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई उनकी अंतरिम जमानत की अवधि एक जून को समाप्त हो गई थी.
यह मामला दिल्ली सरकार की 2021-22 के लिए आबकारी नीति बनाने और उसे लागू करने में कथित भ्रष्टाचार और धन शोधन से संबंधित है. इस नीति को बाद में रद्द कर दिया गया था. विशेष न्यायाधीश बावेजा ने कहा था कि आवेदन चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत देने के लिए है, न कि उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई अंतरिम जमानत के विस्तार के लिए. शीर्ष अदालत ने 10 मई को मुख्यमंत्री को लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए 21 दिन की अंतरिम जमानत दी थी. इसने उन्हें मतदान के अंतिम चरण के समाप्त होने के एक दिन बाद दो जून को आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था.
तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र में प्रचार किया. केजरीवाल की अर्जी पर सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल बीमार है और उसे इलाज की जरूरत है. ईडी के वकील ने अदालत में कहा, ”केजरीवाल ने अपनी अंतरिम जमानत अवधि के दौरान प्रचार किया और अब उन्होंने अचानक दावा किया है कि वह बीमार हैं. केजरीवाल ने तथ्यों को छिपाया और अपने स्वास्थ्य सहित अन्य चीजों के बारे में गलत बयान दिए.”
उन्होंने कहा, ”जो व्यक्ति कह रहा है कि उसकी हालत गंभीर है, उनके आचरण को देखें. जिस दिन से वह रिहा हुए हैं, वह हर जगह प्रचार कर रहे हैं और एक मिनट या दो मिनट नहीं, बल्कि घंटों तक प्रचार कर रहे हैं. उस समय, उनके स्वास्थ्य को कुछ नहीं होता है.” ईडी ने कहा कि केजरीवाल अदालत को ”धोखा” देना चाहते हैं.
इसने कहा,”अगर किसी परीक्षण की आवश्यकता होगी, तो हम जेल में सभी सुविधाएं प्रदान करेंगे. यदि आवश्यक हुआ तो हम (केजरीवाल को) एम्स या किसी अन्य अस्पताल ले जाएंगे.” ईडी के वकील ने कहा, ”एक व्यक्ति जो टीवी पर दावा करता है कि मैं मर सकता हूं, किडनी फेल हो सकती है आदि, वह 25 मई के बाद किसी बुनियादी परीक्षण के लिए नहीं गया? वादी द्वारा व्यवस्था के साथ खेल खेला जा रहा है.” राहत की मांग करते हुए केजरीवाल के वकील ने अदालत से कहा कि खराब स्वास्थ्य के बावजूद ‘आप’ नेता ने प्रचार किया क्योंकि इसी लिए शीर्ष अदालत ने अंतरिम जमानत दी थी.
उन्होंने कहा, ”प्रचार अभियान के कारण तनाव से उनका शर्करा स्तर बढ. गया. आज, जब मैं (केजरीवाल) बिना परीक्षण कराए वापस जेल जा रहा हूं, तो मैं खुद को जोखिम में डाल रहा हूं. यह केवल इस तथ्य को सुनिश्चित करने के लिए है कि मुझे दिया गया उपचार मेरी बीमारी के अनुरूप हो. मैं दो महीने या तीन महीने के लिए अंतरिम जमानत नहीं मांग रहा हूं. ऐसा कौन सा पूर्वाग्रह है जो उन्हें परेशान करेगा.” इस बीच, अदालत ने मामले में नियमित जमानत का अनुरोध करने वाली केजरीवाल की एक अन्य अर्जी पर ईडी से सात जून तक जवाब मांगा है.
अरविंद केजरीवाल से तिहाड़ जेल में पत्नी सुनीता व ‘आप’ सांसद राघव चड्ढा ने मुलाकात की
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को यहां तिहाड़ जेल में मुलाकात की. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि जेल नियमों के अनुसार दोनों को दोपहर एक बजे आधे घंटे के लिए आगंतुक कक्ष में ‘आप’ प्रमुख से मिलने की अनुमति दी गई. नियमों के अनुसार, जेल में एक कैदी से दो आगंतुक हफ्ते में दो बार मिल सकते हैं. कैदी को अपने परिवार के सदस्यों से प्रतिदिन पांच मिनट तक फोन पर बात करने की भी अनुमति है.
जेल के एक सूत्र ने यह भी बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मंगलवार को अपनी कोठरी में टेलीविजन पर लोकसभा चुनाव के नतीजे देखे. जेल अधिकारियों के अनुसार, मधुमेह के मरीज केजरीवाल की निगरानी के लिए दो डॉक्टर हैं और उन्हें रोजाना इंसुलिन दी जा रही है. आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई अंतरिम जमानत की अवधि एक जून को समाप्त होने के बाद केजरीवाल ने दो जून को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया था.



