
नयी दिल्ली. तिहाड़ जेल प्रशासन ने सोमवार को कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का वजन जेल में केवल दो किलोग्राम कम हुआ है और अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) का एक चिकित्सा बोर्ड उनकी नियमित निगरानी कर रहा है. जेल प्रशासन ने आम आदमी पार्टी (आप) के उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया है कि उसके पार्टी प्रमुख केजरीवाल की सेहत बिगड़ रही है.
दिल्ली सरकार के गृह विभाग को भेजी गई एक रिपोर्ट में तिहाड़ प्रशासन ने केजरीवाल के बारे में जानकारी साझा की और कहा कि आप मंत्रियों और नेताओं द्वारा गढ.ी गई कहानी ”जनता को भ्रमित और गुमराह करती है.” इस बीच आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि जेल अधिकारियों द्वारा ‘लीक’ की गई रिपोर्ट से पता चलता है कि केजरीवाल का वजन कम हो गया और उन्हें जेल में कई बार ‘हाइपोग्लाइसीमिया’ (रक्त शर्करा के कम होने की समस्या) का सामना करना पड़ा जिसके कारण ‘कुछ अप्रिय’ घटित हो सकता है.
आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में केजरीवाल की 21 मार्च को गिरफ्तारी के बाद से आप और तिहाड़ जेल प्रशासन उनके स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर आमने-सामने हैं.
तिहाड़ की रिपोर्ट में कहा गया है कि जब केजरीवाल पहली बार एक अप्रैल को जेल आए थे तो उनका वजन 65 किलोग्राम था और आठ से 29 अप्रैल के बीच उनका वजन 66 किलो था. रिपोर्ट के मुताबिक, 21 दिन की जमानत के बाद जब वह दो जून को जेल लौटे तो उनका वजन 63.5 किलोग्राम था.
रिपोर्ट में कहा गया है, ”14 जुलाई को उनका वजन 61.5 किलोग्राम था. इसलिए प्रभावी रूप से उनका वजन दो किलोग्राम कम हो गया.” रिपोर्ट में कहा गया है कि केजरीवाल जेल में घर का बना खाना खा रहे हैं लेकिन नियमित रूप से अपने भोजन का कुछ हिस्सा वापस कर देते हैं. आम आदमी पार्टी ने एक दिन पहले दावा किया था कि जेल में केजरीवाल का वजन 8.5 किलोग्राम कम हो गया है जिसके बाद तिहाड़ की तरफ से यह बयान सामने आया है.
आप ने रविवार को आरोप लगाया था, ”भारतीय जनता पार्टी, केजरीवाल को जेल में रखने की साजिश रच रही है और उनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है. शुगर की बीमारी के उपचार के लिए उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है.” दिल्ली की कैबिनेट मंत्री आतिशी ने केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से ”अकारण उनका 8.5 किलोग्राम वजन घटने” पर चिंता जताई थी और दावा किया था कि जेल में उनका शर्करा स्तर पांच से अधिक बार 50 एमजी/डीएल से नीचे आ गया था.
रिपोर्ट में बताया गया है कि एम्स का एक चिकित्सा बोर्ड लगातार मुख्यमंत्री की निगरानी कर रहा है और उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल बोर्ड के साथ नियमित संपर्क में हैं. इसमें कहा गया है, ”आरोपी के रक्तचाप और शर्करा के स्तर तथा वजन की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है और उन्हें उनकी सभी बीमारियों के लिए पर्याप्त उपचार प्रदान किया जा रहा है तथा उन्हें नियमित रूप से दिन में तीन बार घर का बना खाना दिया जा रहा है. निहित स्वार्थी समूहों द्वारा मीडिया में की जा रही बदनामी को देखते हुए ये तथ्य रिकॉर्ड में लाए गए हैं.” ‘आप’ सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा केजरीवाल की जान से खेल रही है. उन्होंने कहा कि किसी की मेडिकल रिपोर्ट ‘लीक’ करना अपराध है और इसकी जांच होनी चाहिए.
एक बयान में संजय सिंह ने कहा कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने भी माना कि केजरीवाल के रक्त में शर्करा का स्तर कई बार गिरा है और उनका वजन भी कम हुआ है. उन्होंने दावा किया कि ‘आप’ प्रमुख के रक्त शर्करा का स्तर पांच मौकों पर रात में 50 मिलीग्राम प्रति डेसी लीटर से कम हो चुका है और किसी दिन कोई अप्रिय घटना हो सकती है, वह (केजरीवाल) कोमा में जा सकते हैं या उन्हें ‘ब्रेन स्ट्रोक’ हो सकता है.
केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को दिल्ली सरकार की आबकारी नीति (अब रद्द हो चुकी) 2021-22 में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था. इसके बाद कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 26 जून को उन्हें तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था. केजरीवाल को शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय ने धन शोधन मामले में अंतरिम जमानत दे दी थी, लेकिन सीबीआई के मामले में वह अब भी जेल में हैं.



