
जम्मू. जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ भावनात्मक जुड़ाव कायम करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह नयी दिल्ली में खुद को उनका सिपाही मानते हैं और उनके दरवाजे पार्टी कार्यकताओं-”कांग्रेस के शेरों” के लिए सदैव खुले हुए हैं.
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद नरेन्द्र मोदी की भाव भंगिमा एवं विश्वास काफी बदल गया है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा, ”आप जानते हैं कि मेरा आपसे रिश्ता कैसा है. यह कोई राजनीतिक रिश्ता नहीं है. यह प्यार का रिश्ता है और मेरे परिवार की पृष्ठभूमि का भी रिश्ता है. मेरा परिवार आपके राज्य से आता है.” वह जम्मू कश्मीर की अपनी यात्रा के दूसरे एवं आखिरी दिन पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. जम्मू कश्मीर में अगले महीने विधानसभा चुनाव होना है.
गांधी ने कहा, ”इसलिए आपको हमेशा ऐसा महसूस होना चाहिए कि दिल्ली में आपका सिपाही है. मैं आपका सिपाही हूं. आपको जो भी चाहिए, मेरे दरवाज.े हमेशा आपके लिए खुले हैं.” उन्होंने तालियों के बीच कहा, ”आपको मुझे केवल आदेश देना है और मैं आपके समक्ष उपस्थित हो जाऊंगा.” कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ मौजूद गांधी ने पार्टी नेताओं को ”जनरल” और कार्यकर्ताओं को ”सिपाही” बताया. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अन्य दलों के साथ गठजोड़ समेत सभी स्थितियों में दोनों का सम्मान किया जाना चाहिए.
पूर्व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद का नाम लिए बगैर उन पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ”जब मुश्किल समय था तथा आप और आपकी विचारधारा पर हमला हो रहा था, तब भी आप ज.मीन पर डटे रहे, झंडा ऊंचा उठाये रखा. (लेकिन) कई लोगों ने झंडा फेंक दिया और भाग गए. आप नहीं भागे. आपने गोलियां, लाठियां और गालियां झेलीं तथा अपनी जमीन पर डटे रहे. मैं आपको कांग्रेस का शेर कहता हूं.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इसके कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी का आत्मविश्वास हिला दिया है. उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले आत्मविश्वास भरा जो हाव-भाव मोदी दिखाते थे, वह अब नहीं रहा.
गांधी ने कहा, ”कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें (मोदी) इतना मानसिक तनाव दे दिया है कि उनका आत्मविश्वास बुरी तरह से डगमगा गया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें संविधान के सामने झुकने पर मजबूर कर दिया है. वह अब वैसे प्रधानमंत्री नहीं रहे जैसे चुनाव से पहले थे.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश भर में भाजपा को चुनौती देती रहेगी.
गांधी ने कहा, ”जब भी वे कोई शरारत करने की कोशिश करेंगे, उन्हें कांग्रेस चुनौती देती नजर आएगी. कांग्रेस और इसके कार्यकर्ताओं ने देश में संविधान और लोकतंत्र को बचाया है. हम उनकी साजिश को नाकाम कर देंगे. उन्हें अपने विधेयकों को पारित नहीं करने देंगे.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस की भाजपा के साथ विचारधारा की लड़ाई है. उन्होंने कहा, ”यह कांग्रेस और आरएसएस की विचारधाराओं के बीच लड़ाई है.”
जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के टिकट वितरण मुद्दे पर गांधी ने इच्छा जताई कि टिकट जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को दिए जाएं. उन्होंने कहा, ”उन्हें विधायक बनने का अवसर मिलना चाहिए. मैं उन्हें विधानसभा में देखना चाहता हूं.” उन्होंने जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा यथाशीघ्र बहाल करने की भी मांग की. गांधी और खरगे का स्वागत किया गया और उन्हें डोगरी पगड़ी तथा माता वैष्णो देवी की तस्वीर देकर सम्मानित किया गया.



