
बेंगलुरु. बेंगलुरु की एक अदालत ने रेणुकास्वामी हत्याकांड मामले में आरोपी कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा, उसकी दोस्त पवित्रा गौड़ा और अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत नौ सितंबर तक बढ़ा दी है. दर्शन और पवित्रा समेत सभी 17 आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि बुधवार को समाप्त होने के बाद उन्हें बेंगलुरु और तुमकुरु जेलों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया. न्यायिक हिरासत की अवधि पुलिस द्वारा दायर रिमांड अर्जी के बाद बढ़ाई गई है.
बेंगलुरु के 24वें अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने मंगलवार को दर्शन को बेल्लारी जेल में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी. दर्शन फिलहाल बेंगलुरु के परप्पना अग्रहारा केंद्रीय कारागार में बंद हैं. दर्शन की वह तस्वीर रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी, जिसमें वह एक आदतन अपराधी समेत तीन अन्य लोगों के साथ जेल परिसर में एक कुर्सी पर बैठकर और हाथ में कॉफी का मग लेकर धूम्रपान करते नजर आ रहे हैं. इस तस्वीर को लेकर काफी विवाद हो रहा है.
अदालत ने हत्या मामले के अन्य सह-आरोपियों को राज्य की विभिन्न जेलों में स्थानांतरित करने की भी अनुमति दे दी है. तस्वीर में दर्शन आराम से कुर्सी पर बैठे हुए और सिगरेट एवं कॉफी मग पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं. इसके अलावा, जेल से वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति से बात करते हुए दर्शन का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दर्शन को बेल्लारी जेल, पवन, राघवेंद्र और नंदीश को मैसुरु जेल, जगदीश और लक्ष्मण को शिवमोगा जेल, धनराज को धारवाड़ जेल, विनय को विजयपुरा जेल, नागराज को कलबुर्गी/गुलबर्गा जेल और प्रदोष को बेलगावी जेल में स्थानांतरित किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि तीन आरोपियों- पवित्रा गौड़ा, अनुकुमार और दीपक को बेंगलुरु के परप्पना अग्रहारा केंद्रीय कारागार में ही रखा जाएगा. चार अन्य आरोपियों- रवि, कार्तिक, निखिल और केशवमूर्ति को पहले ही तुमकुरु कारागार में स्थानांतरित किया गया था.
दर्शन को ‘विशेष सुविधा’ दिए जाने की प्रारंभिक जांच के बाद, परप्पना अग्रहारा जेल के मुख्य अधीक्षक सहित जेल के नौ अधिकारियों को उनकी ‘चूक’ के लिए सोमवार को निलंबित कर दिया गया. इसके अलावा, इस संबंध में जेल अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत दर्शन के खिलाफ भी तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं.



