राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किये गये 82 शिक्षक

नयी दिल्ली. हैप्पीनेस लैब, घर-आधारित शिक्षा यात्राएं, बाल विवाह की रोकथाम और पुनर्चक्रित सामग्रियों से बनी स्वचालित स्कूल घंटी उन उपलब्धियों में शामिल हैं, जिनके लिए देश भर के 82 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिला है. ये पुरस्कार बृहस्पतिवार को यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किए गए.

दक्षिण गोवा के सत्यवती सोइरू एंगल हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षिका चंद्रलेखा दामोदर मेस्त्री को विद्यार्थियों के बीच भाषा संबंधी अंतर को पाटने के लिए सम्मानित किया गया. उन्होंने नवीन, कम लागत वाली शिक्षण सहायक सामग्री विकसित की तथा सीखने के प्रति रुचि पैदा करने के लिए पुस्तकों और लेखन सामग्री के साथ घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात की. महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित साउ एस.एम. लोहिया हाई स्कूल एवं जूनियर कॉलेज के शिक्षक सागर चित्तरंजन बागड़े ने अनाथों, आदिवासियों, युवा एचआईवी रोगियों और दिव्यांग व्यक्तियों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए कई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए.

उनके प्रशस्ति पत्र के मुताबिक, ह्लउन्होंने कई लोक नृत्य और नृत्यनाटिका प्रदर्शनों का भी आयोजन किया, जिससे छात्रों को 226 देशों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने का अवसर मिला. इसे एशिया पैसिफिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी गई है.ह्व अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की के. सुमा को सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार और नामांकन बढ़ाने के लिए उनके समर्पण के लिए यह पुरस्कार दिया गया है.

बिहार के मधुबनी स्थित शिव गंगा गर्ल्स प्लस टू हाई स्कूल की मीनाक्षी कुमारी ने स्वच्छ यूनिफॉर्म, सैनिटरी पैड और पेयजल सुविधाओं जैसे स्कूल के परिणामों को बेहतर बनाने में अभिभावकों को शामिल करके सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया है.
उनके प्रशस्ति पत्र के मुताबिक, ह्लउन्होंने 50 से अधिक कहानियां और कविताएं प्रकाशित की हैं और बाल विवाह के खिलाफ सफलतापूर्वक वकालत की है, जिससे 20 मामले रोके गए हैं.ह्व राजस्थान के सरकारी स्कूल के शिक्षक हुकम चंद चौधरी को कम लागत वाली परियोजना आधारित तकनीकों के निर्माण के लिए पुरस्कृत किया गया है, इनमें पुनर्नवीनीकृत सामग्रियों से निर्मित स्वचालित स्कूल घंटी और व्हाट्सऐप पर प्रश्नों के उत्तर देने के लिए एआई-संचालित चैटबॉट शामिल हैं.

यहां ममता मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल पल्लवी शर्मा को गणित और विज्ञान पार्क, आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्रयोगशाला और ह्लखुशीशालाह्व – खुश रहने के लिये एक प्रयोगशाला- सहित उनकी पहल के लिए यह पुरस्कार मिला है.

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार देश में शिक्षकों के अद्वितीय योगदान का जश्न मनाने और उन शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हर साल प्रदान किए जाते हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण के माध्यम से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है, बल्कि अपने छात्रों के जीवन को भी समृद्ध बनाया है. प्रत्येक पुरस्कार में योग्यता प्रमाण पत्र, 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार और एक रजत पदक दिया जाएगा. पुरस्कार विजेताओं को प्रधानमंत्री से बातचीत करने का अवसर भी मिलेगा.

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