जाति के आधार पर समाज को बांट रही है सपा और कांग्रेस : आदित्यनाथ

गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ये दोनों दल अपने संकीर्ण स्वार्थों के लिए समाज को जाति के आधार पर बांट रहे हैं और इनकी मंशा विभिन्न वर्गों के बीच टकराव को बढ़ावा देने की है. मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा और कांग्रेस पर देश और उसके लोगों के हितों की कीमत पर अपने ‘परिवारों’ की ही फिक्र करने का आरोप लगाया.

आदित्यनाथ ने दावा करते हुए कहा, ”चाहे कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, उन्हें न तो देश की चिंता है और न ही समाज की. उन्हें आपकी आस्था या युवाओं की चिंता नहीं है. उन्हें सिर्फ अपने परिवार की चिंता है. इन परिवारवादी दलों के पास देश और समाज के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं बची है. वे केवल अपने संकीर्ण स्वार्थों के लिए समाज को बांटेंगे, लोगों को जाति के आधार पर लड़वाएंगे. वे वर्ग संघर्ष की स्थिति पैदा करेंगे और फिर दंगाइयों को लूटने देंगे, लोगों की सुरक्षा से समझौता करेंगे.” मुख्यमंत्री ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा, ”दो लड़कों की जोड़ी उत्तर प्रदेश में विकास की बात कर रही है. वे अपने पिछले 10 वर्षों का इतिहास भूल गए हैं, जब राज्य में गुंडा और माफिया राज था.”

उन्होंने कहा, ”अब राज्य एक नया उत्तर प्रदेश बन रहा है, जिसमें व्यापारी और महिला वर्ग सुरक्षित हैं. युवाओं को रोजगार मिल रहा है. अब गाजियाबाद स्मार्ट सिटी बन गया है, जहां हवाईअड्डा, मेट्रो, रैपिड रेल और सुरक्षा का बेहतर माहौल है, जिसके कारण माफिया या गुंडागर्दी करने वाले लोग जिले से बाहर चले गए हैं.” आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर राज्य में अपने शासनकाल के दौरान माफिया और अपराधियों के आगे झुकने और हिन्दू धार्मिक नेताओं को माफिया कहने का भी आरोप लगाया. उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि मठाधीश और माफिया में ज्यादा अंतर नहीं है.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा, ”समाजवादी पार्टी के लोग कुख्यात माफिया और अपराधियों के सामने नाक रगड़ते थे. अपनी संस्कृति के अनुरूप वे धार्मिक नेताओं को माफिया कहते हैं… औरंगजेब की आत्मा सचमुच उनके अंदर प्रवेश कर गई है.” उन्होंने कहा, ”सपा के लोगों ने युवाओं का शोषण किया, किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया और व्यापारियों को पलायन करने के लिए मजबूर किया. कैराना में पलायन जैसी घटनाएं इन्हीं लोगों के कारण हुई. हिंदू व्यापारियों को उनके कारण कैराना से बाहर जाना पड़ा.”

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