
नयी दिल्ली. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को कहा कि संसद की स्थायी समितियों के गठन में सरकार की तरफ से कोई विलंब नहीं हुआ है तथा जिस नेता ने देरी का आरोप लगाया है उनकी ही पार्टी ने समितियों के लिए समय पर नाम नहीं भेजे. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने संसद को ”गहरे, अंधेरे कक्ष” में बदलने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा था कि 18वीं लोकसभा के गठन के 100 दिन पूरे होने के बावजूद संसद की स्थायी समितियों का गठन नहीं किया गया है.
स्थायी समितियों के गठन में विलंब संबंधी आरोप के बारे में पूछे जाने पर रीजीजू ने संवाददाताओं से कहा, ”कोई सवाल उठा नहीं रहा है. एक-दो लोग बोल रहे हैं. जिन्होंने सवाल उठाया है, उनकी पार्टी ने नाम नहीं दिया. सारे राजनीतिक दलों की ओर से नाम आ गए हैं. हमने स्थायी समितियों के बारे में जानकारी लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों को भेज दी है.” उनके मुताबिक, सरकार की तरफ से कोई विलंब नहीं हुआ है.
उन्होंने किसी दल का नाम लिए बगैर कहा, ”पहले आपको अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी, तब दूसरे पर अंगुली उठा सकते हैं.” रीजीजू ने कहा, ”खासकर 2004 से देखिए कि सितंबर महीने में ही स्थायी समितियों का गठन हुआ है. लोग अखबारों में नाम छपवाने के लिए सवाल उठाने लगते हैं. क्या सितंबर से पहले कभी समितियां बनी हैं.” उनका कहना था कि जल्द ही स्थायी समितियों का गठन हो जाएगा तथा परामर्श समितियों को लेकर प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू होगी.



