हिमाचल मस्जिद विवाद: हिंदू संगठनों की पुलिस से झड़प, मुस्लिम संगठन ने कहा ‘कोई मस्जिद अवैध नहीं’

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 30 Sep 2024 08:15 PM
हिमाचल मस्जिद विवाद: हिंदू संगठनों की पुलिस से झड़प, मुस्लिम संगठन ने कहा ‘कोई मस्जिद अवैध नहीं’

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में अवैध रूप से निर्मित मस्जिदों को गिराने की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच एक मुस्लिम संगठन ने कहा कि राज्य में कोई भी अवैध मस्जिद नहीं है लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में नक्शे को मंजूरी मिलने में देरी के कारण यह समस्या हो रही है.

मस्जिद को गिराने की मांग को लेकर कुल्लू में यात्रा निकालने वाले हिंदू संगठनों की सोमवार को पुलिस के साथ झड़प हो गई.
‘हिंदू धर्म जागरण यात्रा’ के प्रदर्शनकारियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच हनुमान मंदिर से अखाड़ा मस्जिद तक मार्च निकाला. महिलाओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भगवा झंडे और तख्तियां लेकर कुल्लू में मस्जिद को गिराने का आ”ान करते हुए यात्रा निकाली. स्थानीय वाद्ययंत्र बजाने वाले संगीतकार और पारंपरिक पोशाक में महिलाएं यात्रा की अगुवाई कर रही थीं.

अवैध रूप से निर्मित मस्जिदों को गिराने की मांग 30 अगस्त को शिमला के मलयाना इलाके में एक मुस्लिम नाई और एक हिंदू व्यापारी के बीच हुई हाथापाई के बाद शुरू हुई. ये हाथापाई बाद में सांप्रदायिक मुद्दे में तब्दील हो गई. हिंदू समूह कथित अवैध मस्जिदों को गिराने की मांग कर रहे हैं जबकि स्थानीय लोग राज्य में आने वाले बाहरी लोगों की पहचान करने की मांग कर रहे हैं.

मंडी स्थित मुस्लिम कल्याण समिति के अध्यक्ष नहीम अहमद ने इस बीच सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हिमाचल प्रदेश में कोई भी मस्जिद अवैध नहीं है लेकिन नक्शे को मंजूरी मिलने और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं में देरी हुई है. अगर कोई भी हिस्सा अवैध पाया जाता है तो हम खुद ही संरचनाओं को हटा देंगे.” उन्होंने कहा कि रविवार को मंडी के बल्ह क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों की एक बैठक हुई.

अहमद ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय की एक राज्य स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया और वे मौजूदा स्थिति से अवगत कराने के लिए मुख्यमंत्री से मिलेंगे. उन्होंने कहा कि मुस्लिम नेताओं का मानना है कि कुछ लोग नफरत फैला रहे हैं और इस तरह की हरकतों पर लगाम लगनी चाहिए. अहमद ने कहा कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की जांच होनी चाहिए, चाहे उसका धर्म कुछ भी हो. कुल्लू जिला प्रशासन ने इससे पहले रविवार को कहा था कि अखाड़ा बाजार में स्थित मस्जिद अवैध नहीं है.

प्रशासन के मुताबिक, सरकारी रिकॉर्ड में मस्जिद के क्षेत्रफल और इसके अंतर्गत आने वाले वास्तविक क्षेत्रफल में कुछ अंतर है.
जिला प्रशासन ने बताया कि मस्जिद के नियमितीकरण का मामला नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के पास लंबित है. प्रशासन के मुताबिक, मस्जिद का कुल क्षेत्रफल 980 वर्ग मीटर है और इसमें करीब 150 वर्ग मीटर का अंतर पाया गया है. कुल्लू स्थित जामा मस्जिद स्वतंत्रता-पूर्व बनाई गयी थी और इसका उल्लेख राज्य सरकार के 15 अगस्त, 1970 के गजट अधिसूचना में भी मिलता है.

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