नयी दिल्ली. कांग्रेस ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की संभावित घोषणा से कुछ देर पहले आरोप लगाया कि प्रदेश की ‘महायुति’ सरकार ने अपने आखिरी दिनों में अदाणी समूह को उपहार दिए हैं. महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ ‘महायुति’ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं.
निर्वाचन आयोग मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा करेगा. महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल अगले साल पांच जनवरी को समाप्त होने वाला है.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”उम्मीद है कि चुनाव आयोग आज दोपहर 3:30 बजे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर देगा. ‘महायुति’ को पता है कि वे सत्ता में वापस नहीं आ रहे हैं, इसलिए हताशा में उन्होंने अपने आख.रिी कुछ दिन मुंबई और महाराष्ट्र के लोगों की क.ीमत पर ‘मोदानी’ को उपहार देने में बिताए हैं.”
उन्होंने दावा किया, ”15 सितंबर, 2024 को ‘मोदानी’ को 6,600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करने के लिए ऊर्जा अनुबंध मिला. हम पहले ही बता चुके हैं इससे उपभोक्ताओं को ज़्यादा पैसे देने होंगे. 30 सितंबर, 2024 को 255 एकड़, पारिस्थितिकी की दृष्टि से संवेदनशील ‘साल्ट पैन’ भूमि मोदानी को सौंपी गई. 10 अक्टूबर 2024 को मध में 140 एकड़ जमीन ‘मोदानी’ को सौंपी गई. 14 अक्टूबर 2024 को मुंबई में देवनार लैंडफिल से 124 एकड़ जमीन ‘मोदानी’ को दी गई.
रमेश ने कहा ”ऊपर से स्पष्ट निर्देश हैं कि महायुति का ‘चुनावी भविष्य’ अंधकारमय है, लेकिन सत्ता गंवाने से पहले उसे ‘मोदानी’ के ‘वित्तीय भविष्य’ की रक्षा करनी होगी.” अमेरिकी संस्था ‘हिंडेनबर्ग रिसर्च’ की रिपोर्ट में अदाणी समूह पर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे और इसको लेकर कांग्रेस इस कारोबारी समूह पर निरंतर हमले कर रही है. अदाणी समूह ने सभी आरोपों को खारिज किया है.