उदयनिधि ने सनातन धर्म पर अपनी टिप्पणी की ओर इशारा करते हुए कहा, “मैं माफी नहीं मांगूंगा”

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 22 Oct 2024 10:47 PM
उदयनिधि ने सनातन धर्म पर अपनी टिप्पणी की ओर इशारा करते हुए कहा, “मैं माफी नहीं मांगूंगा”

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चेन्नई. तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने पिछले साल सनातन धर्म को ‘खत्म करने’ संबंधी अपनी टिप्पणी की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह अपनी टिप्पणी के लिए माफी नहीं मांगेंगे. डिंडीगुल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उदयनिधि ने कहा कि एक समय महिलाओं को अपने घर से बाहर निकलने और स्कूल जाने का भी अधिकार नहीं था. उन्होंने कहा कि सुधारवादी नेता ‘पेरियार’ ईवी रामासामी ने ऐसी सभी भेदभावपूर्ण प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाई.

उदयनिधि ने कहा कि वह पेरियार, द्रविड़ नेता सीएन अन्नादुराई और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के दिवंगत संरक्षक एम करुणानिधि के नक्शेकदम पर चलते हैं और केवल वही कहते हैं, जो ऐसे नेताओं ने अतीत में कहा था. उदयनिधि 21 अक्टूबर राधा देवी के साथ अंडीचामी (द्रमुक नेता नाथम एम ए एंडी अम्बलम के बेटे, पूर्व विधायक) के स्वाभिमान विवाह में शामिल होने के लिए डिंडीगुल पहुंचे थे.

सनातन धर्म के संबंध में अपनी टिप्पणी का सीधे तौर पर जिक्र करते हुए उदयनिधि ने कहा, “मेरे खिलाफ न केवल तमिलनाडु में, बल्कि भारत की कई अदालतों में मामले दायर किये गये हैं.” उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उनके बयान को ‘तोड़-मरोड़कर’ पेश किया गया और अदालतों में उनके खिलाफ याचिकाएं दायर कर ऐसी बातें कहने का आरोप लगाया गया, जो उन्होंने “कही ही नहीं थीं.” उन्होंने कहा, “मुझसे अदालत में माफी मांगने के लिए कहा गया. मैं बस यही कहना चाहता हूं कि मैं अदालत में मामले का सामना कर रहा हूं और मैं कलिगनर (दिवंगत मुख्यमंत्री करुणानिधि) का पोता हूं, मैं माफी नहीं मांगूंगा.”

By Yogesh Kumar Sahu