छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को औद्योगिक जब बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है, इसी तादात्म्य में सीएम विष्णु देव साय आज से तीन दिन तक सिंगापुर दौरे पर रहेंगे। CM साय, छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने के लिए उद्योगपतियों और कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे तथा उन्हें निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे।
मुख्य फोकस आईटी, सेमीकंडक्टर, क्लाउड, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक और स्किल ट्रेनिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश लाना होगा। श्री साय दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. वे भारत-सिंगापुर विकास और कारोबार कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं.
उद्योगपतियों और कंपनियों से मुलाकात करेंगे
सूत्रों के मुताबिक, सम्मेलन में विदेश के कई निवेशक और उद्योगपति मुख्य रूप से शामिल होंगे. सीएम छत्तीसगढ़ की खासियत के बार में बताएंगे और बताएंगे कि राज्य में निवेश क्यों करना चाहिए. साथ ही सीएम प्रदेश में मौजूद खनिज, बिजली, पानी और सस्ती जमीन की जानकारी भी देंगे. सीएम नई औद्योगिक नीति में निवेशकों को मिल रही छूट के बारे में बताएंगे.
दौरे का मुख्य मकसद छ्त्तीसगढ़ में टेक्नोंलॉजी के निवेश लाना होगा। साय सरकार का फोकस है कि छत्तीसगढ़ में सिर्फ खनन नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़ा निवेश आए.इसलिए इस दौरे में टेक कंपनियों से अलग से बैठक होगी.
बताया जा रहा है कि सिंगापुर में CM कई बड़ी कंपनियों के CEOs के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे.इनमें उद्योग लगाने, जॉइंट वेंचर और नई फैक्ट्रियां शुरू करने पर बात होगी. इससे प्रदेश में युवाओं के लिए नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे.
याद दिला दें कि पिछले साल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अगस्त 2025 में जापान और दक्षिण कोरिया की आधिकारिक विदेश यात्रा की थी तब मुख्यमंत्री ने नई छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति (2024-30) के तहत निवेशकों को आमंत्रित किया था। उन्होंने ओसाका एक्सपो में सहभागिता करते हुए ‘एक्सपो 2025’ (Osaka-Kansai Expo) में हिस्सा लिया था और भारत मंडपम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के पैवेलियन का प्रतिनिधित्व किया।
उसी दौरान ओसाका की ‘सार्टाज फूड्स’ (Sartaj Foods) ने छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई थी।
जापान की ‘मोराबु हानशिन कंपनी’ (Morabu Hanshin Company) के साथ कौशल प्रशिक्षण और
कार्यबल आदान-प्रदान पर चर्चा हुई थी। जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (JETRO) और एनटीटी लिमिटेड (NTT Limited) के प्रतिनिधियों से आईटी और उन्नत तकनीकी समाधानों पर विचार-विमर्श किया गया था।
तब दोनों देशों की अग्रणी संस्थाओं के साथ आईटी, सेमीकंडक्टर, क्लाउड, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक और स्किल ट्रेनिंग जैसे क्षेत्रों पर सार्थक चर्चा हुई थी। इससे छत्तीसगढ़ को उद्योगों में अत्याधुनिक तकनीक अपनाने तथा इसके लिए स्किल्ड मैनपावर तैयार करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिला था।