
रांची. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को झारखंड में झामुमो नीत सरकार पर ”वोट बैंक की राजनीति के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने” का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया और कहा कि यदि राज्य में उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वह आदिवासियों की जमीन को अवैध प्रवासियों को हस्तांतरित होने से रोकने के लिए कड़ा कानून लाएगी.
शाह ने यह भी घोषणा की कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का सफाया कर दिया जाएगा और झारखंड में आदिवासी आबादी को प्रभावित किए बिना समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी. पूर्वी सिंहभूम जिले में घाटशिला के धालभूमगढ़ में भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने दावा किया कि राज्य में आदिवासी आबादी घट रही है, क्योंकि हेमंत सोरेन सरकार ”बांग्लादेशी घुसपैठियों को अपना वोट बैंक” मानती है.
उन्होंने आरोप लगाया, ”बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण झारखंड में, विशेषकर संथाल परगना और कोल्हान क्षेत्रों में आदिवासी आबादी में भारी गिरावट आ रही है. झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन राजनीतिक फायदे के लिए इसे बढ़ावा दे रहा है.” शाह ने कहा, ”हमारी ‘माटी, बेटी, रोटी’ पर हमला हो रहा है. भाजपा इसे जारी नहीं रहने देगी…हम आदिवासियों की जमीन को घुसपैठियों को हस्तांतरित होने से रोकने के लिए सख्त कानून लाएंगे. हम उनके द्वारा हड़पी गई जमीन भी वापस ले लेंगे और उन्हें बाहर निकाल देंगे.”
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार झारखंड में समान नागरिक संहिता लागू करेगी लेकिन आदिवासियों को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा. शाह ने कहा, ”हेमंत सोरेन और झामुमो सरकार गलत प्रचार कर रही है कि यूसीसी आदिवासी अधिकारों, संस्कृति और संबंधित कानून को प्रभावित करेगी, जो पूरी तरह निराधार है क्योंकि उन्हें इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा.” उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनजातीय अधिकार प्रभावित न हों. गृह मंत्री ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने नक्सलवाद का समर्थन किया जबकि केंद्र की भाजपा सरकार ने इसका सफाया कर दिया.
उन्होंने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले झामुमो गठबंधन पर ”नक्सलवाद को बढ़ावा देने” का आरोप लगाया. चतरा जिले के सिमरिया में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”यह झारखंड से दलित विरोधी, आदिवासी विरोधी, गरीब विरोधी और युवा विरोधी हेमंत सरकार को हटाने का समय है, जो राजनीतिक फायदे के लिए नक्सलवाद को बढ़ावा दे रही है.” उन्होंने कहा, ”हमने पिछले पांच वर्षों में झारखंड से इस खतरे को उखाड़ फेंका है और अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार मार्च, 2026 तक भारत से नक्सलवाद का सफाया कर देगी.” गृह मंत्री ने यह भी वादा किया कि भाजपा झारखंड में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदायों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करेगी जबकि अन्य के आरक्षण पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.
शाह ने वादा किया कि भाजपा अगले पांच वर्षों में झारखंड से पलायन रोक देगी. उन्होंने कहा कि केवल भाजपा ही राज्य का विकास सुनिश्चित कर सकती है. उन्होंने कहा कि संप्रग की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान आदिवासी कल्याण बजट के लिए आवंटन मुश्किल से 24,000 करोड़ रुपये था जबकि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे बढ़ाकर 1.24 लाख करोड़ रुपये कर दिया है.
शाह ने यह भी घोषणा की कि सत्ता में आने पर भाजपा 51 वनोपजों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद करेगी और 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी जिसका भुगतान 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) झारखंड में सरकार बनाएगा और दावा किया कि हाल में हुए लोकसभा चुनाव के आधार पर यह गठबंधन 81 विधानसभा सीट में से कम से कम 52 सीट जीतेगा.
शाह ने कहा, ”हाल के लोकसभा चुनाव में झारखंड की जनता ने गठबंधन को 47 प्रतिशत वोट दिए थे, इसलिए राजग झारखंड में 81 में से 52 सीट जीतेगा.” उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता ने 14 में से नौ संसदीय सीट राजग को दी थीं और इसके पक्ष में कुल 80 लाख वोट पड़े थे.
शाह ने रविवार को कहा कि झारखंड के कोडरमा में अभ्रक उद्योग को 500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज से पुनर्जीवित किया जाएगा.
हजारीबाग जिले के बरकट्ठा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कोयला खनन बकाया के एवज में 1.36 लाख करोड़ रुपये मांगने के लिए निशाना साधा और कहा कि नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निधि के अलावा राज्य को पहले ही 3.80 लाख करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं.
शाह ने कहा, ”कोडरमा पत्थर उद्योग (अभ्रक) बंद हो गया है. हम आने वाले दिनों में 500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज के साथ इसे पुनर्जीवित करेंगे.” गृह मंत्री ने सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा, ”मैंने हेमंत सोरेन जैसा झूठा व्यक्ति कभी नहीं देखा, जो 1.36 लाख करोड़ रुपये (कोयला खनन बकाया की एवज में) मांग रहे हैं, जबकि केंद्र ने 2014-2024 तक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निधि के अलावा झारखंड को पहले ही 3.80 लाख करोड़ रुपये दिए हैं, जबकि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने 2004-2014 तक 84,000 करोड़ रुपये दिए थे.” उन्होंने आरोप लगाया कि ‘भ्रष्ट’ सोरेन सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं, जो जमीन हड़पने के लिए कई आदिवासी महिलाओं से शादी कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ”झारखंड में महिलाओं पर अत्याचार करने वाले घुसपैठियों को उल्टा लटका दिया जाएगा.” शाह ने राज्य में आबकारी सिपाही भर्ती अभियान के दौरान 17 लोगों की मौत के लिए हेमंत सरकार की गलत नीतियों को भी जिम्मेदार ठहराया.
राज्य में 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 13 और 20 नवंबर को दो चरणों में होगा तथा मतगणना 23 नवंबर को होगी.



