महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों में कोई विचारधारा नहीं बची है : अकबरुद्दीन ओवैसी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 06 Nov 2024 09:36 PM
महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों में कोई विचारधारा नहीं बची है : अकबरुद्दीन ओवैसी

ऑडियो सुनें

छत्रपति संभाजीनगर. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया कि उनमें कोई विचारधारा नहीं बची है. साथ ही कहा कि विभाजनकारी राजनीति करने वाले लोग उन्हें सांप्रदायिक करार दे रहे हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि यह देश सभी समुदायों का समान रूप से है – चाहे वे पगड़ी या टोपी पहनते हों या वे जो माथे पर तिलक लगाते हों. तेलंगाना के एआईएमआईएम विधायक ओवैसी यहां अमखास मैदान में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों इम्तियाज जलील और नसीर सिद्दीकी के लिए प्रचार करने के वास्ते आयोजित एक सार्वजनिक रैली को संबोधित कर रहे थे. जलील 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में औरंगाबाद पूर्व से जबकि सिद्दीकी औरंगाबाद मध्य से चुनाव लड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”हमारी पार्टी (एआईएमआईएम) मुस्लिम, दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और मराठों की आवाज उठाती है. मैं भड़काऊ भाषण नहीं देता. जो लोग ‘बंटोगे तो कटोगे’ की बात करते हैं, वे मुझे सांप्रदायिक कहते हैं.” अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा, ”भीड़ द्वारा हत्या, ‘घर वापसी’, टोपी और दाढ़ी पर बहस और हिंदू-मुस्लिम के बीच भेद – क्या ऐसी चीजें देश को कमजोर नहीं बनाती हैं?”

ओवैसी ने महाराष्ट्र की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ”2019 में चार प्रमुख राजनीतिक दल थे. लेकिन अब दो शिवसेना और दो राकांपा हैं. इन पार्टियों ने अलग-अलग विचारधारा वाले लोगों से हाथ मिला लिया. लेकिन, क्या कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) को धर्मनिरपेक्षता सिखाई या शिवसेना (यूबीटी) ने कांग्रेस को हिंदुत्व सिखाया. महाराष्ट्र के दलों में कोई विचारधारा नहीं बची है.”

By Yogesh Kumar Sahu