पंजाब पुलिस ने सिख कार्यकर्ता की हत्या के मामले में अर्श डल्ला गिरोह के दो शूटर को किया गिरफ्तार

चंडीगढ़. कनाडा में रह रहे गैंगस्टर से आतंकवादी बने अर्श डल्ला के गिरोह के दो सदस्यों को पिछले महीने एक सिख कार्यकर्ता की हत्या में शामिल होने के आरोप में मोहाली के खरड़ से गिरफ्तार किया गया है. पंजाब पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. आरोपी मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक अन्य व्यक्ति की हाल में की गई हत्या में भी कथित रूप से शामिल थे.

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपी और लोगों को निशाना बनाने की भी योजना बना रहे थे. उन्होंने बताया कि उनकी गिरफ्तारी से प्रमुख शहरों में कम से कम चार जाने माने व्यक्तियों की हत्या टल गई. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि यह गिरफ्तारी राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ, गैंगस्टर रोधी कार्य बल और फरीदकोट पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत की गयी.

फरीदकोट की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रज्ञा जैन ने गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान बरनाला के भदौड़ निवासी अनमोलप्रीत सिंह उर्फ विशाल और खरड़ के निज्जर रोड निवासी नवजोत सिंह उर्फ नीटू के रूप में की है. जैन ने बताया कि पुलिस ने अपराधियों की मदद करने के आरोप में नवजोत के भाई बलवीर सिंह उर्फ कालू को भी गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी लोगों का आपराधिक इतिहास है. पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से दो अत्याधुनिक पिस्तौल और सात कारतूस बरामद किए गए हैं.

सिख कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह हरि नाउ उर्फ भोडी को अक्टूबर को फरीदकोट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने तब दावा किया था कि गैंगस्टर से आतंकवादी बने अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला इस मामले का मास्टरमाइंड है. पुलिस ने यह भी दावा किया था कि नउ की हत्या अमृतपाल सिंह के इशारे पर की गई थी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है.

एसएसपी जैन ने रविवार को कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि अर्श डल्ला ने नवजोत को सिख कार्यकर्ता को निशाना बनाने का काम सौंपा था. सिख कार्यकर्ता ‘हरि नउ टॉक्स’ के नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाता था. उन्होंने बताया कि अर्श डल्ला ने नवजोत को इस कार्य को अंजाम देने के लिए और अधिक सहयोगियों को इसमें शामिल करने के लिए कहा जिसके बाद नवजोत ने अनमोलप्रीत की मदद ली. जैन ने कहा कि अर्श डल्ला ने दोनों के लिए एक पिस्तौल, गोला-बारूद और एक मोटरसाइकिल का इंतजाम किया. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी अक्टूबर को हरि नउ गांव गए और कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी.

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच से पता चला है कि दोनों शूटर को अर्श डल्ला ने छिपने के लिए जगह मुहैया कराई थी. अपराध के बाद शूटर लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे और अमृतसर, एसबीएस नगर, हिमाचल-पंजाब सीमा, चंडीगढ़, मोहाली और खरड़ सहित विभिन्न शहरों में अपने ठिकाने बदलते रहे.

जैन ने बताया कि जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने अर्श डल्ला के निर्देश पर बृहस्पतिवार को ग्वालियर में जसवंत सिंह गिल की भी हत्या की थी. दोनों संदिग्ध अपराध करने के बाद पंजाब लौट आए, जहां उन्हें खरड़ के पास से पकड़ लिया गया. इसके अलावा, ये आरोपी 18 अक्टूबर को जिरकपुर में गोलीबारी और जबरन वसूली की घटना में भी शामिल थे, जहां एक व्यापारी को गोलीबारी के बाद धमकाया गया था और उसकी इमारत के मुख्य द्वार पर अर्श डल्ला के नाम का पोस्टर लगाया गया था.

जैन ने बताया कि जांच के दौरान, और अधिक व्यक्तियों को निशाना बनाने की आरोपियों की व्यापक साजिश से संबंधित जानकारी प्राप्त हुई और इसकी तत्परता से जांच की गई. उन्होंने बताया कि उनकी गिरफ्तारी से प्रमुख शहरों में प्रतिष्ठित व्यक्तियों की कम से कम चार लक्षित हत्याएं टल गई हैं. नयी दिल्ली में रविवार को सूत्रों ने यह दावा किया कि भारत द्वारा आतंकवादी घोषित किये गए अर्शदीप सिंह गिल उर्फ ??अर्श डल्ला को कनाडा के ओंटारियो प्रांत में गोलीबारी की घटना के बाद संभवत: गिरफ्तार कर लिया गया है.
गोलीबारी की यह घटना 28 अक्टूबर को मिल्टन में हुई थी.

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