महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा की जीत से शरद पवार की विश्वासघात की राजनीति का अंत हुआ: शाह

शिरडी. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि राकांपा (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने 1978 से महाराष्ट्र में विश्वासघात और छल-कपट की राजनीति की, जिसका अंत विधानसभा चुनाव में भाजपा की जबरदस्त जीत और स्थिर सरकार स्थापित करने के संकल्प के साथ हुआ.

शाह ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य-स्तरीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने पिछले साल के चुनाव में वंशवाद और विश्वासघात की राजनीति को खारिज करके शरद पवार और शिवसेना (उबाठा) नेता उद्धव ठाकरे को उनकी जगह दिखा दी. दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार और महाराष्ट्र में कांग्रेस और सहयोगी दलों के बीच मतभेदों का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडी’ का पतन शुरू हो गया है.

शाह ने कहा, ”शरद पवार ने 1978 में महाराष्ट्र में ‘दगा-फटका’ (छल-कपट) की राजनीति शुरू की, जिसे 2024 (चुनाव) में लोगों ने नकार दिया. इसी तरह वंशवाद की राजनीति और उद्धव ठाकरे के विश्वासघात को भी नकार दिया गया. जनता ने 2024 के चुनाव में पवार और उद्धव ठाकरे को उनकी जगह दिखा दी.” महाराष्ट्र में भाजपा की जीत के दीर्घकालिक परिणाम होने का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि ऐतिहासिक जीत ने ‘इंडी’ गठबंधन के आत्मविश्वास को तोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि अगले महीने होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा निश्चित तौर पर जीत हासिल करेगी.

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