
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लिए बिना तंज किया कि तुष्टिकरण की नीति पर चलने वाले लोग भी अब त्रिवेणी के महासंगम में डुबकी लगा रहे हैं. योगी ने सवाल उठाते हुए कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाले मुस्लिम देश इंडोनेशिया में भगवान राम को पूर्वज माना जाता है, लेकिन भारत में रहकर, इस धरती का उपभोग करने वाली बड़ी आबादी (मुसलमान), जो दुर्भाग्य से केवल ”वोट बैंक” बनकर रह गई है, क्या वे स्वीकार कर पाएंगे कि उनके पूर्वज राम थे?ह्व एक मीडिया संस्थान द्वारा यहां एक होटल में आयोजित ‘महाकुंभ समागम’ में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि जो लोग पहले भारत की आस्था को सम्मान नहीं देते थे, वोट बैंक के लिए तुष्टिकरण की नीति पर चलते थे, वे लोग भी अब प्रयागराज में त्रिवेणी के महासंगम में डुबकी लगा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा ”यह अच्छी बात है और प्रयागराज तो सबका है, आस्था सबकी है.” समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार, 26 जनवरी को संगम में 11 बार डुबकी लगाई थी. विपक्षी दलों के नेताओं के कुंभ स्नान के बारे में पूछने पर मुख्यमंत्री ने कहा ”सनातन पहले भी था, आज भी है और इसी प्रभावी ढंग से यह यात्रा आगे बढ़ेगी. इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए.” आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ कुंभ स्नान किया था. इसको लेकर विरोधियों के आरोपों पर उन्होंने रामचरित मानस की चौपाई का हवाल देते हुए कहा ”जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी (प्रभु को जिसने जिस रूप में सोचा, जिस व्यक्ति की भावना जैसी रही उसने अपने मन में उसी के अनुसार ईश्वर की छवि गढ़ ली….)”
मुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख यादव पर निशाना साधते हुए कहा ”देश दुनिया के कोटि कोटि श्रद्धालुओं द्वारा किये जा रहे पावन स्नान और सनातन में उनकी आस्था ने उन लोगों को भी पवित्र डुबकी लगाने के लिए बाध्य कर दिया जिनकी इसमें आस्था ही नहीं थी. ऐसे लोगों को यह सोच कर अपने पुरोधाओं की प्रतिमा स्थापित करने के लिए मजबूर होना पड़ा कि इस स्थान का महत्व है और इसको नजरअंदाज नहीं करना है.” संगम में सपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा स्थापित की है. अखिलेश यादव ने संगम स्नान के बाद अपने पिता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था.
मुख्यमंत्री यहां ‘टाइम्स’ समूह के चैनल ‘नवभारत’ द्वारा आयोजित ‘महाकुंभ समागम’ में सवालों का जवाब दे रहे थे. उन्होंने कहा ”प्रयागराज में पिछले 15 दिनों में 16 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया. मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की त्रिवेणी के संगम में अगले 30 दिनों तक आयोजन चलना है. मेरा अनुमान है कि संगम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या दुनिया की तीसरी बड़ी आबादी होगी. इसमें केवल भारत की आस्था ही नहीं, संस्कृति के गौरव का दर्शन करने का अवसर भी प्राप्त होगा.” मुख्यमंत्री ने इंडोनेशिया के सांस्कृतिक परंपराओं की चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया के राष्ट्रपति अपने भारतीय डीएनए पर गर्व करते हैं, उनका नाम भी संस्कृत से प्रेरित है.
उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में राम को पूर्वज माना जाता है, गरुड़ उनकी राष्ट्रीय एयरलाइंस है, गणपति उनकी मुद्रा पर हैं और रामलीला उनका राष्ट्रीय त्योहार है. योगी ने सवाल उठाते हुए कहा ह्लभारत में रहकर, इस धरती का उपभोग करने वाली बड़ी आबादी, जो दुर्भाग्य से केवल वोट बैंक बनकर रह गई है, क्या वे स्वीकार कर पाएंगे कि उनके पूर्वज राम थे?ह्व मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में देश और प्रदेश में चल रहे कई ज्वलंत मुद्दों पर अपनी राय रखी. उन्होंने भारत के अल्पसंख्यकों, बिजली चोरी, वक्फ कानून, तुष्टिकरण की राजनीति और कुंभ 2025 की तैयारियों जैसे विषयों पर बात की. कार्यक्रम के दौरान योगी ने भारत के अल्पसंख्यकों को अपने पूर्वजों पर गर्व करने की सलाह दी.
वक्फ कानून में बदलाव पर विपक्षी नेताओं द्वारा दी जा रही चेतावनियों पर मुख्यमंत्री ने कहा, ह्लसमय की जरूरत के अनुसार वक्फ कानून में बदलाव हो रहा है. मुझे खुशी है कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने इस संशोधन पर काम किया है. उम्मीद है कि अगले सत्र में इसे लागू किया जाएगा.ह्व उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, ह्लकिसी भी बदलाव का उद्देश्य समाज में पारर्दिशता और न्याय को सुनिश्चित करना है. जैसे देश में सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) लागू हुआ है वैसे ही वक्फ विधेयक में संशोधन के बाद इसे भी लागू कर दिया जाएगा. सीएए से आज हमारे पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को देश में नागरिकता मिल रही है. यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में संभव हुआ है.ह्व एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, ह्लवक्फ की कोई जमीन नहीं होती है, यह राजस्व की जमीन है. उत्तर प्रदेश में वक्फ ने एक लाख 27 हजार संपत्तियों पर अपना दावा किया था. हमने जांच कराई तो सात हजार ही वैध पाई गईं.ह्व संभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर छिड़े विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराणों में संभल का उल्लेख है तथा ‘आइन-ए-अकबरी’ के अनुसार, मीर बाकी ने श्रीहरि का मंदिर तोड़कर वहां मस्जिद बनाई थी.
उन्होंने कहा, ह्लहम हर जगह मंदिर नहीं तलाश रहे हैं, लेकिन जहां ऐतिहासिक साक्ष्य मौजूद हैं, वहां सच को सामने लाना जरूरी है.ह्व मुख्यमंत्री ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, ह्ल भारत के पौराणिक ग्रंथ हमारे सामने इस बात के प्रमाण हैं कि श्री हरि विष्णु का 10वां अवतार कहां हुआ है. 3500 वर्ष से 5000 वर्ष के दौरान ग्रंथों की रचना हुई है. इस्लाम का जन्म हुए 1400 वर्ष हुए हैं, हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है.ह्व उन्होंने कहा कि पुराणों के बारे में हो सकता है कि ओवैसी या अन्य लोगों को भरोसा न हो, लेकिन कम से कम ‘आइन-ए-अकबरी’ देखें. योगी ने कहा कि वहां (संभल में) पर जो कुछ भी उत्खनन में सामने आ रहा है, वह इस बात को प्रमाणित करता है कि वहां (संभल में) पर कोई पौराणिक नगरी थी.
उल्लेखनीय है कि संभल में पिछले वर्ष नवंबर माह में अदालत के आदेश पर एक मस्जिद में सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गयी जिसमें चार लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये थे. इस मामले को लेकर देश की राजनीति गरमा गयी थी.
योगी ने दावा किया ”पुरातात्विक अवेशषों के आधार पर हम कह सकते हैं कि यह संभल नगरी वही है, जिसका पुराण में उल्लेख है. परंपरागत लोगों की आस्था वहां पर है. अगर यह तमाम चीजें वहां पर सामने आ रही हैं तो मुझे लगता है कि उनको इस सच्चाई को स्वीकार करने की हिम्मत भी करनी चाहिए.” योगी ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बिजली की दरें 9-10 रुपये प्रति यूनिट हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में यह 3.5 रुपये प्रति यूनिट है. योगी ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को पांच फरवरी से पहले महाकुंभ में पहुंच कर पूरी दिल्ली कैबिनेट के साथ त्रिवेणी संगम में स्नान करने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा कि इसके बाद उनको यह मौका नहीं मिलेगा, दिल्ली में सरकार बदल जाएगी.



