बांग्लादेश में हिंदुओं पर ”अत्याचार” रोकने के लिए कूटनीतिक कदम उठाए केंद्र सरकार: गहलोत

जयपुर. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे ”अत्याचारों” को रोकने के लिए केंद्र को कूटनीतिक कदम उठाने चाहिए. गहलोत के बयान के तुरंत बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली चुनाव में जनता द्वारा नकारे जाने के बाद कांग्रेस को ”एक बार फिर हिंदुओं की याद” आई है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बांग्लादेश में हिंसा को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रही है.

गहलोत की यह टिप्पणी विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में दिए एक लिखित जवाब के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि विभिन्न रिपोर्ट में पिछले साल अगस्त से बांग्लादेश में 23 हिंदुओं की मौत और हिंदू मंदिरों पर हमले की 152 घटनाओं की जानकारी दी गई है.

गहलोत ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से हुई हिंसा में 23 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है एवं 152 मंदिरों में तोड़फोड़ की जा चुकी है.” उन्होंने कहा, ”यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसी परिस्थिति के बावजूद भारत सरकार ने वैश्विक मंच पर अभी तक कोई भी बयान देना या बांग्लादेश पर दबाव डालना उचित नहीं समझा है.” राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, ”भारत सरकार को बांग्लादेश में हिंदुओं एवं तमाम अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर लगाम लगाने के लिए कूटनीतिक कदम उठाने चाहिए.” राठौड़ ने एक बयान में आरोप लगाया कि दिल्ली चुनावों में तुष्टीकरण के कारण धर्म विशेष को खुश करने के लिए इतने दिन किसी भी कांग्रेस नेता के मुंह से बांग्लादेश हिंसा पर एक शब्द नहीं निकला, लेकिन दिल्ली चुनाव के नतीजे आने के बाद एक बार फिर कांग्रेस नेताओं ने ”छद्म हिंदुत्व” का राग अलापना शुरू कर दिया है.

उन्होंने कहा, ”सदैव तुष्टीकरण की बात करने वाले भी अब हिंदू हितों की बात करने लगे हैं. यह अच्छी बात हैं.” राठौड़ ने कहा कि बांग्लादेश हिंसा को लेकर केंद्र सरकार कूटनीतिक रूप से वहां की सरकार पर दवाब बना रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश पर दबाव बनाने के लिए दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों से बात भी की थी और बातचीत के परिणामस्वरूप वहां ”निर्मम अमानवीय हिंसक घटनाओं” पर अंकुश लगा.

राठौड़ ने पुजारियों का मानदेय बढ़ाने के अपनी पार्टी के फैसले को भी ”ऐतिहासिक” बताया. उन्होंने कहा, ”हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. कांग्रेस सरकार ने मंदिरों का समर्थन नहीं किया, इसके विपरीत मंदिरों पर कर लगा दिए.” राठौड़ ने दिल्ली चुनाव के बारे में बात करते हुए आरोप लगाया कि ‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सत्ता हासिल करने के लिए लोगों की भावनाओं का इस्तेमाल किया और एक बार सत्ता मिलने के बाद वह और उनकी पार्टी भ्रष्टाचार में डूब गए. उन्होंने कहा, ”दिल्ली चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही स्वच्छ और भ्रष्टाचार मुक्त शासन दे सकते हैं. दिल्ली के बाद अब बिहार चुनाव में भी भाजपा जीत का परचम लहराएगी.”

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