राष्ट्रपति चुनाव: भाजपा की तरफ से नड्डा और राजनाथ सभी दलों से करेंगे विचार-विमर्श

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए अधिकृत किया. इस फैसले को सत्तारूढ़ दल की ओर से देश के शीर्ष संवैधानिक पद के चुनाव में आम सहमति बनाने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

पार्टी महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘भाजपा ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को विचार-विमर्श के लिए अधिकृत किया है.’’ बयान के मुताबिक, नड्डा और सिंह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (राजग) के सभी घटक दलों के साथ ही अन्य राजनीतिक दलों एवं निर्दलियों के साथ भी विचार-विमर्श करेंगे. पार्टी ने कहा कि वे जल्द ही विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू करेंगे.

अगर किसी नाम पर आम सहमति नहीं बनती है और विपक्ष भी अपना उम्मीदवार उतारता है तो इस परिस्थिति में राष्ट्रपति चुनाव के लिये 18 जुलाई को मतदान होगा. मतगणना 21 जुलाई को होगी. इस चुनाव में कोंिवद के उत्तराधिकारी को चुनने के लिए 4809 सांसद और विधायक मतदान कर सकेंगे. संसद के दोनों सदनों और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों की विधानसभाओं में भाजपा के सदस्यों की संख्या देखी जाए तो वह अपनी पसंद के उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने की स्थिति में है.

भाजपा ने 2017 के राष्ट्रपति चुनाव में भी सभी दलों से विचार-विमर्श के लिए जो समिति गठित की थी, राजनाथ सिंह उसके भी सदस्य थे. तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की ओर से गठित उस समिति में अरुण जेटली और एम वेंकैया नायडू भी शामिल थे. माना जाता है कि राजनाथ सिंह के सभी दलों के नेताओं से अच्छे संबंध हैं.

वर्ष 2017 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान विपक्षी दलों ने भाजपा पर अंतिम समय में उनसे संपर्क करने का आरोप लगाया था, क्योंकि उसने पहले ही राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में रामनाथ कोंिवद के नाम को अंतिम रूप दे दिया था. विपक्ष ने मीरा कुमार को चुनाव मैदान में उतारा था जो कोंिवद से हार गई थीं.

इस बार के चुनाव में 2017 के मुकाबले भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के पास कम संख्याबल है. उसे कुछ दलों की सहायता की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में भाजपा के उम्मीदवार को बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस में से किसी एक की सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है. पिछले चुनाव में इन दोनों दलों ने कोंिवद का समर्थन किया था.

इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कुछ विपक्ष के नेताओं से संपर्क किया है. बनर्जी ने राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में 15 जून को विपक्षी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई है.

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