‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ देश के लिए फायदेमंद साबित होगा : अनुराग ठाकुर

श्रीनगर: भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ फॉर्मूला लागू करना देश के लिए फायदेमंद साबित होगा क्योंकि यह न केवल विभिन्न चुनावों पर होने वाले खर्चों में कटौती करेगा, बल्कि इससे काफी समय भी बचेगा।

ठाकुर ने कहा, ‘‘हरियाणा और जम्मू कश्मीर में (विधानसभा) चुनाव पिछले साल लोकसभा चुनाव के कुछ महीनों के भीतर हुए थे। इसके बाद महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में (विधानसभा) चुनाव हुए। इस प्रकार, साल भर में कम से कम पांच विधानसभाओं के चुनाव हुए।’’

ठाकुर ने श्रीनगर में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर पार्टी के एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि सभी चुनाव एक साथ कराए जाते हैं तो इससे खर्च में कमी आएगी, समय की बचत होगी और मतदान प्रतिशत भी बढ़ेगा।’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों का खर्च कम होगा और देश को धन की बचत करने में मदद मिलेगी।

ठाकुर ने कहा, ‘‘राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, अन्य संस्थानों और केंद्र द्वारा (2024) लोकसभा चुनावों में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किये गए थे, जिसे बचाया जा सकता है। यह भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 1.5 प्रतिशत जोड़ सकता है। इस तरह, यह भारत के लिए लाभकारी स्थिति होगी, जिसमें लोगों को पांच साल के लिए एक अच्छी सरकार मिलेगी।’’

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से पांच बार के सांसद ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के लागू होने से, जो अधिकारी आमतौर पर चुनाव कराने में व्यस्त रहते हैं वे अपने प्राथमिक कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
ठाकुर ने कहा कि जब आदर्श आचार संहिता लागू होती है, तो इससे विकास कार्य धीमा हो जाता है तथा चुनाव कराने से पहले और बाद में बहुत समय बर्बाद होता है, जिसमें आमतौर पर 45 से 90 दिन लगते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार गठन में भी समय लगता है, इस तरह बहुत समय बर्बाद होता है। इसलिए हमारा कहना है कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ लागू होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि अगर 2029 में यह फॉर्मूला लागू किया जाता है, तो सभी चुनाव एक साथ होंगे।

ठाकुर ने कहा, ‘‘अगर यह (एक राष्ट्र,एक चुनाव) 2029 तक लागू हो जाता है, तो हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात और पंजाब में 2027 में होने वाले चुनाव केवल दो साल के लिए वैध होंगे और 2029 में सभी चुनाव एक साथ होंगे।’’ उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराये जाते हैं, तो देश को फायदा होगा।

जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के बारे में पूछे जाने पर ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने इसका वादा किया है और ‘‘जम्मू कश्मीर को यह मिलेगा।’’ जम्मू क्षेत्र में स्थिति के बारे में पूछे जाने पर, जहां हाल के दिनों में आतंकवादी हमलों में वृद्धि हुई है, ठाकुर ने कहा कि भाजपा की नीति – आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की – है।

यह पूछे जाने पर कि क्या कुछ भाजपा के नेता वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर उच्चतम न्यायालय पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हम किसी पर कोई दबाव नहीं डाल रहे हैं। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष (जे पी नड्डा) ने यह स्पष्ट कर दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस और विपक्षी दलों ने अनुच्छेद 370 और 35ए, तीन तलाक, राम मंदिर और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) जैसे मुद्दों पर लोगों में भय पैदा किया और उन्हें गुमराह किया। जब ये मामले उच्चतम न्यायालय में गए तो सरकार का रुख सही साबित हुआ।’’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए ठाकुर ने कहा कि वह भारत में चुनाव हारते हैं और फिर विदेशों में देश के खिलाफ एजेंडा चलाते हैं। भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘उन्हें (राहुल को) अंकल सैम, अपने गुरु सैम पित्रोदा से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए। पित्रोदा ने कहा था कि संविधान तैयार करने में बाबासाहेब आंबेडकर का कोई योगदान नहीं है, लेकिन राहुल गांधी भारत में आंबेडकर की तस्वीर लेकर घूमते हैं।’’

ठाकुर ने कहा, ‘‘तो, उनका क्या रुख है? पित्रोदा ने कहा कि धन का बंटवारा होना चाहिए… इस पर राहुल गांधी का क्या रुख है? पित्रोदा ने भारत के खिलाफ एक बार नहीं, बल्कि कई बार बयान दिए हैं। लेकिन वह राहुल गांधी के गुरु हैं, जिनसे वह प्रेरणा लेते हैं।’’

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