
लखनऊ. पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत पहुंची सीमा हैदर के वकील को उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद केंद्र सरकार के आदेश से उनकी मुवक्किल को रियायत मिलेगी. सीमा के वकील ए.पी. सिंह ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि उनकी मुवक्किल ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के रहने वाले सचिन मीणा से शादी की है और हाल ही में एक बच्ची भारती मीना को भी जन्म दिया है इसलिये वह पाकिस्तानी नागरिक नहीं रह गयी हैं.
उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सीमा को सभी पाकिस्तानी नागरिकों के भारत छोड़ने के आदेश से छूट मिलेगी. सीमा के भारत आने के बाद से उसकी नागरिकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं में उसकी कानूनी सहायता कर रहे अधिवक्ता सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्देश सिर्फ उन लोगों पर लागू है जिनकी नागरिकता पाकिस्तान की है. उन्होंने कहा कि सीमा पाकिस्तानी नहीं है. वह भारत में हैं और भारतीय है. सिंह ने कहा कि महिला की नागरिकता पति के साथ जुड़ी होती है.
अधिवक्ता ने कहा, ”सीमा का मामला इसलिये अलग है क्योंकि आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) उसके बारे में पहले से ही जांच कर रहा है. मैंने उसके मामले में राष्ट्रपति के समक्ष याचिका दाखिल की है. सीमा पहले से ही जमानत पर है और वह इससे जुड़ी तमाम शर्तों का पालन कर रही है. जेवर की अदालत ने उससे कहा है कि वह ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में अपनी ससुराल को छोड़कर कहीं नहीं जाएगी.” सिंह ने कहा, ”अंतरराष्ट्रीय न्यायालय और गार्जियनशिप अधिनियम के अनुसार मां ही किसी बच्चे की सर्वश्रेष्ठ अभिभावक होती है. क्या आप भारत में जन्मी बेटी को पाकिस्तान भेजना चाहेंगे?”
उन्होंने कहा, ”नागरिकता में नेचुरलाइजेशन भी होता है. सीमा की शादी प्राकृतिक हुई. शादी के बाद बच्ची का जन्म प्राकृतिक रूप से हुआ. उत्तर प्रदेश सरकार ने उस बच्ची का जन्म प्रमाणपत्र जारी किया जिसमें मां का नाम सीमा मीणा और पिता का नाम सचिन मीणा लिखा गया. बच्ची का नाम भारती मीणा रखा गया.” इस सवाल पर कि क्या इन दलीलों के आधार पर सीमा को केंद्र सरकार के आदेश से छूट मिल जाएगी, सिंह ने कहा, ”उन्हें छूट है. गार्जियनशिप एक्ट कहता है कि बच्ची अपनी मां के साथ ही रहेगी.” भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर इस्लामाबाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के तहत पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की घोषणा की है.
पहलगाम में नृशंस आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में यह निर्णय लिया गया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को जारी सभी मौजूदा वैध वीजा 27 अप्रैल से रद्द कर दिए गए हैं. पाकिस्तानी नागरिकों को जारी मेडिकल वीजा केवल 29 अप्रैल तक वैध रहेंगे.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा अवधि समाप्त होने से पहले चले जाना चाहिए.
सीमा हैदर अपने चार बच्चों को लेकर मई 2023 में नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल हुई थी. हालांकि उसके इस तरह से हिंदुस्तान में प्रवेश करने को अवैध माना गया था. भारत आने के बाद उसने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के निवासी सचिन मीणा से शादी कर ली थी. हाल ही में उसने एक बेटी को जन्म दिया है. केंद्र सरकार के सभी पाकिस्तानी नागरिकों के भारत छोड़ने के आदेश के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या सीमा हैदर को भी भारत छोड़ना होगा.



